आम लोगों का बजट नहीं सिर्फ जुमला बजट है – कहा पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने

सीधी धर्मेंद : देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज वित्त वर्ष 2024-25 के लिए केंद्रीय बजट किया इसमें उन्होंने कई बड़े एलान किए हैं, वित्त मंत्री ने 7 चीजों पर कस्टम ड्यूटी घटाई और 2 पर बढ़ाई है इस बजट में उन्होंने बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए बजट के विशेष पैकेज दिए हैं वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए इस बजट पर भी नेताओं की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं लोग अपने-अपने नजरिए से इस बजट का आकलन कर रहे हैं मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में पेश किए गए इस बजट को लेकर पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट से जाहिर है कि देश में महंगाई और बेरोजगारी बनी रहेगी।महंगाई हटाने, बेरोजगारी समाप्त करने और किसानो की आय दोगुना करने के लिए ठोस प्रयास नहीं किये गए है, सिर्फ दावे हैं। श्री पटेल ने कहा कि पहले से चली आ रही योजनाओं में थोड़ा सा पैसा बढ़ा कर उन्हें जारी रखना काफ़ी नहीं है। भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था के समकक्ष लाने के लिए अपेक्षित उपाय नहीं किए गए हैं। बजट में प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान की चर्चा है। इससे पांच करोड़ जनजातीय लोगों को लाभ होगा, यह विरोधाभास की स्थिति है। क्या अब तक मोदी सरकार ने जनजातीय लोगों के लिए कोई ठोस काम नहीं किया जो फिर से ऐसा अभियान चलाने की आवश्यकता पड़ रही। उन्होंने कहा जैसा कि मोदी सरकार की नए-नए जुमले पेश करते रहती है इस बजट को भी जुमला बजट बना दिया है। बजट की जो प्राथमिकताएं बनाई गई हैं उनमें रोजगार, कौशल निर्माण, अधोसंरचना, ऊर्जा सुरक्षा, शहरी विकास जैसे विषय शामिल है। क्या भाजपा के नेता यह जवाब दे पाएंगे कि जब इस बार के बजट की यह प्राथमिकताएं है तो क्या पहले इन प्राथमिकताओं पर ध्यान नहीं था ? श्री पटेल ने बताया कि कुल मिलाकर यह बजट मोदी सरकार ने अपनी पीठ ठोकने के लिए बनाया गया,यह आम लोगों के सपनों का बजट नहीं है।
