गुरु पूर्णिमा पर ज्योतिपुंज में विलीन श्री गोपाल जी महाराज के शिष्यों ने उनके मूर्ति रूप की पूजा की

सीधी धर्मेंद : हमारे सनातन धर्म में गुरु को भगवान से ऊंचा दर्जा दिया गया है क्योंकि वह हमें इस संसार में जीने के तरीके और अंधकार से प्रकाश तक ले जाना का रास्ता दिखाते हैं यह त्यौहार आध्यात्मिक शिक्षकों, गुरुओं और मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। यह कृतज्ञता, श्रद्धा, ज्ञान और बुद्धिमत्ता के मूल्यों पर जोर देता है और उन्हें बढ़ावा देता है। गुरु गोविंद दोउ खड़े काके लागू पाँव बलिहारी गुरु आपने गोविंद दिया बताइ अर्थात इस संसार में भगवान तक पहुंचाने का मार्ग गुरु ने बताया है गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर आज ऐसे गुरुओं का पारंपरिक रूप से पूजा अर्चना करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का था सीधी शहर में स्थित मणिकूट आश्रम श्री श्री 1008 ज्योतिपुंज में विलीन श्री गोपाल जी महाराज के शिष्यों ने मंदिर में पहुंचकर उनके श्री चरणों में नमन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया दूर-दूर से आए हुए महाराज जी के शिष्य उनके मूर्ति रूप को माल्यार्पण एवं वस्त्र फल मिष्ठान समर्पित कर पूजा अर्चना किया। इस दौरान गोपाल दास मंदिर में हवन पूजन पूजा अर्चना और दूर-दूर से आए शिष्यों ने भजन कीर्तन में हिस्सा लिया गुरु पूर्णिमा के अवसर पर स्वामी गोपाल दास जी महाराज के मंदिर में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
