बातों की बड़ी-बड़ी दुकानें है भाजपा नेताओं की, बिकते हैं नये जुमले कहा कमलेश्वर पटेल ने

सीधी धर्मेंद : विधायक,पूर्व मंत्री और सिहावल के कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश्वर पटेल ने एक विग्यप्ति जारी करके कहा है कि देश के इतिहास में शिवराज सिंह चौहान सबसे ज्यादा शिलान्यास करने वाले मुख्यमंत्री हैं।उन्होंने लोगों को भ्रम में डालने की सभी सीमाएं पार कर दी जब आचार संहिता लगने के तीन दिन पहले 53 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा की 14 हज़ार 500 परियोजनाओं का ताबड़तोड़ शिलान्यास किया।यदि मध्य प्रदेश के विकास की उन्हें जरा भी चिंता होती तो ये परियोजनाएं कब की पूरी हो जाती और आज लोगों को इसका फायदा भी अब मिलने लगता।जाहिर है कि शिवराज सिंह चौहान ने अपने पूरे कार्यकाल में बकवास ज्यादा किया काम बहुत काम किया. केंद्र और राज्य के सभी भाजपा नेताओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि उनके पास बातों की बड़ी-बड़ी दुकान हैं. बातें ज्यादा करो और काम कम करो. प्रचार ज्यादा करो. शिवराज सिंह चौहान सरकार को विज्ञापनों की सरकार के रूप में पूरे देश में मान्यता मिली है।श्री पटेल ने रविवार को सिहावल विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों जिनमें लौआ, पतुलखी, धूतपुरा,जमुआर, बैरिहा सहित अनेक ग्रामों में भ्रमण करते हुए कही।उन्होंने कहा कि आज हर नागरिक भाजपा नेताओं से पूछ रहा हैं कि पिछले 15 – 20 सालों में इन विकास परियोजनाओं को क्यों नहीं लागू किया? आचार संहिता लगने के तीन दिन पहले विकास परियोजनाएं क्यों याद आई? सच्चाई यह है कि चुनाव के पहले भाजपा को हर तबके की याद आती है. लाडली बहनों की याद आती है. युवाओं की याद आती है. बेरोजगारों की याद आती है. चुनाव के बाद यह सब भूल जाते हैं.श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो शिवराज सिंह चौहान से एक कदम आगे हैं. अब कह रहे हैं कि मोदी के मन में मध्य प्रदेश है. क्या मोदी जी मध्यप्रदेश की जनता को यह बताएंगे कि क्या गुजरात राज्य उनके मन से निकल गया? क्या उत्तर प्रदेश मणिपुर उनके मन में नहीं है? प्रधानमंत्री ने यह सिद्ध कर दिया है कि जिस राज्य के चुनाव होते हैं वहीं राज्य उनके मन में होता है. सिर्फ वोट के लिए अपने पद की गरिमा को छोड़ना उचित नहीं है. इस देश का बच्चा भी मोदी जी को समझा सकता है कि प्रधानमंत्री के लिए सभी राज्य एक समान होते हैं चाहे वहां चुनाव हो या ना हो. जब वे बनारस गए तो उन्होंने कहा कि मां गंगा ने बुलाया है जब मध्य प्रदेश आते हैं तो कहते हैं की मां नर्मदा ने बुलाया है. वोट के लिए इस तरह की बातें करना प्रधानमंत्री के पद को शोभा नहीं देता.प्रधानमंत्री जी अब राज्यों के चुनाव में यह कहने लगे हैं कि वहां के नागरिक उनको वोट दें और उनका समर्थन करें. सभी भाजपा उम्मीदवारों की तरफ से क्या मोदी जी अकेले मध्य प्रदेश का चुनाव लड़ रहे हैं? देश के लोकतंत्र के इतिहास में ऐसा किसी प्रधानमंत्री में नहीं कहा राज्य के नागरिकों की ओर से उन्हें वोट दें. मोदी जी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रजातंत्र में उनकी कोई आस्था और विश्वास नहीं है.
