जन शिक्षण संस्थान की अध्यक्ष ने किया संस्थान के प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण प्रशिक्षणार्थियों को वितरित किये प्रमाण पत्र

सीधी धर्मेंद : कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सव्यसाँची सेंटर के माध्यम से सीधी जिले में संचालित जन शिक्षण संस्थान की अध्यक्ष मंजू सिंह द्वारा आज अपने एक दिवसीय क्षेत्रीय दौरे में संस्थान द्वारा संचालित कई प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण किया गया एवं उनसे प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली गई तथा प्रशिक्षण में निरंतर नवीनता लाने हेतु निदेशक को निर्देशित भी किया गया। इस दौरान प्रशिक्षण केंद्र कुचवाही के सफल प्रशिक्षणार्थीयों को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के प्रभारी शुशील त्रिपाठी तथा ग्राम पंचायत के सरपंच दिनेश गुप्ता के विशिष्ट आतिथ्य में अध्यक्ष द्वारा प्रमाण पत्र भी वितरित किये गए। इस अवसर पर अध्यक्ष ने प्रशिक्षणार्थीयों से कहा कि आप अपने इस प्रशिक्षण को अपने रोजगार का जरिया बनाये तभी इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सफल होगा तथा यह आप सभी के लिए लाभदायक सिद्ध होगा जो आगे चल कर आपके परिवार के आय के संसाधनों को बढ़ाने में मददगार होगा। प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम में एन.आर.एल.एम. के शुशील त्रिपाठी द्वारा स्वसहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को अपना रोजगार स्थापित करने हेतु उन्हें प्रेरित किया गया साथ ही संस्थान के प्रयासों की सराहना की गई। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरपंच दिनेश गुप्ता जी की उपस्थिति विशेष रूप से सराहनीय रही। उन्होंने प्रशिक्षित महिलाओं को हर संभव मदद देने का आस्वासन भी दिया। संस्थान के निदेशक जय सिंह द्वारा उपस्थित अतिथियों को यह बताया गया वास्तव में यह स्कीम हरिजन आदिवासी युवाओं तथा युवतियों के लिए प्रशिक्षण के लिए बेहतर जरिया है क्योंकि उन्हें संस्थान निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है परंतु यदि इसे आप प्रमाणपत्र तक ही सीमित रखते हैं तो फिर ऐसे प्रशिक्षण आपके लिए लाभ का जरिया कैसे बनेंगें इसलिए इसे रोजगारमूलक बनाएं। कुचवाही अनुदेश शालू सिंह द्वारा इस दौरान अध्यक्ष से प्रशिक्षण के संबंध में प्रशिक्षणोपरांत प्रशिक्षणार्थीयों को रोजगारमूलक योजनाओं से जोड़ने हेतु विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। सहायक कार्यक्रम अधिकारी अनिल गुप्ता अनुदेशक प्रियंका सिंह क्षेत्र सहायक शोभनाथ साहू तथा सैकड़ों की संख्या में उपस्थित संस्थान की महिलाओं ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी मुख्य भूमिका का निर्वहन किया।
