उत्तराखंड ने खोया एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डॉ रणवीर सिंह रावल

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खबर नैनीताल से रिपोर्टर हिमानी रौतेला ने बताया की उत्तराखंड ने खोया है एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक। पंडित गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल अल्मोड़ा के निदेशक डॉ रणवीर सिंह रावल जिनकी उम्र 55 वर्ष का निधन हो गया। वे राममूर्ति अस्पताल बरेली में एडमिट थे रात्रि में हृदय गति रुक जाने के कारण उनका निधन हो गया उनका अंतिम संस्कार रामेश्वर पनार गंगोलीहाट में किया गया। डाण्रावल ने सन 1984 में बीएससी तथा सन 1987 में एमएससी की डिग्री तथा वर्ष 1991 में पीएचडी की डिग्री डीएसबी परिसर कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल से की थी यंग साइंटिस्ट रहते हुए वह कोसी कटारमल संस्थान से जुड़े एवं इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संस्थान के निदेशक पद तक पहुंचे उनके 151 शोध पत्र  प्रकाशित हो चुके हैं इसके साथ ही साइंस जैसे जर्नल में भी उनके शोध पत्र प्रकाशित हुए हैंए राष्ट्रीय स्तर पालीनेटर तथा सेक्रेड कैलाश फॉरेस्ट पर शोध कार्य कर चुके  हैं उनकी 10 पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी है डॉ रावल जैव विविधता उच्च हिमालय परिस्थिति तंत्रएसंरक्षण शिक्षा तथा पौधों के प्राकृतिक आवास एवं जलवायु परिवर्तन के विशेषज्ञ बने। डॉक्टर रावल इंडियन साइंस कांग्रेस के पर्यावरण शाखा के अध्यक्ष रहे तथा जैव विविधता के ब्रुनइभूटानए चीन इटली जापान दक्षिण अफ्रीका स्पेन आदि देशों की यात्रा की। उन्हें  आई सी आर आई आर एफ आई प्लेटिनम जुबली अवार्ड के साथ.साथ कई पुरस्कार भी मिले वह गंभीर तथा  सरल व्यक्तित्व के धनी थे उनके निधन से उत्तराखंड के वनस्पति शास्त्री अत्यंत दुखी है प्रोफेसर वाई पी एस पांगती फाउंडेशन ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। कुमाऊं विश्वविद्यालय संघ नैनीताल  ने इसे अपूर्ण क्षति बताया है तथा पूरे डीएसबी परिसर में शोक की लहर व्याप्त हो गई है।डॉ बीएस कालाकोटी ;हल्द्वानीद्धएप्रोफेसर गोपाल सिंह रावत; देहरादूनद्धए प्रोफेसर शेर सिंह सामंत; कुल्लू प्रोफेसर ललित तिवारी नैनीताल डॉक्टर जेसी जोशी ;हल्द्वानी डॉक्टर गोकुल मर्तोलिया पर्यावरण संस्थान के डॉ सी सी नेगीए डॉक्टर आईडी भट्ट डॉ आर पी जोशी डॉक्टर सुबोध ऐरी डॉक्टर गोकुल सत्याल सहित कुटा ने इसे दुखद बताया है

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