हिंदू नव वर्ष पर हिंदू जागरण मंच ने शहर के गांधी चौक में बांटे पत्रक हिंदू नव वर्ष के महत्व की लोगों को दी जानकारी

सीधी धर्मेंद : चैत माह की प्रतिपदा रामनवमी से शुरू होती है चैत प्रतिपदा में ही भगवान राम का राज्याभिषेक महाराजा विक्रमादित्य द्वारा विक्रम संवत की स्थापना महाराज राम युधिष्ठिर का राज्याभिषेक संत झूलेलाल जी का ष्स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना ब्रह्मा जी द्वारा इसी दिन श्रीपति की स्थापना की गई थी इसी दिन नया हिंदू पंचांग शुरू होता है हिंदू धर्म के मानने वाले प्रत्येक वर्ष इसी माह पर अपने नए वर्ष की शुरुआत करते हैं 13 अप्रैल को सीधी शहर में हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएं देने के लिए हिंदू जागरण मंच सीधी शहर की सड़कों पर उतरा और लोगों को पत्रक बांट कर उन्हें चैत्र रामनवमी के साथ हिंदू नव वर्ष की खूबियों की जानकारी दी इस दौरान हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में गांधी चौराहा में मौजूद रहे। लोगों को पत्रक वितरण करने के दौरान हिंदू जागरण मंच के सुमित जयसवाल ने एन टीवी इंडिया न्यूज़ को हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम इसे वृहद स्तर पर मनाना चाहते थे लेकिन कोविड बीमारी की वजह से हम नियमों का पालन करते हुए इसे सूक्ष्म रूप में मना रहे हैं और लोगों को पत्रक बांट कर नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें नववर्ष का महत्व बता रहे हैं।—-चैत्र नवरात्रि हिन्दु धर्म में नवरात्रि का बहुत बड़ा महत्व है चैत्र नवरात्रि चैत्र ;मार्च अप्रेल के महीने में मनाई जाती है इसे चैत्र नवरात्रि कहा जाता है नवरात्रि में दुर्गा के नौ रूपों की पूजा.आराधना की जाती है धार्मिक मान्यता यह है कि जो व्यक्ति मां दुर्गा की पूजा आराधना सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से करता है उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है 13 अप्रैल से सीधी शहर में भी चैत नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना शुरू हो गई सीधी जिले के और सीधी शहर के सभी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर माता को जल चढ़ाकर उनकी पूजा.अर्चना की सीधी शहर के फूलमती माता मंदिर में भक्तों ने माता के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई और अपने और अपने घर परिवार के सुख समृद्धि की कामना की।
