सहारा के कर्मचारियों ने अपने पैसे वापस मांगने आई लड़की को गेट के अंदर किया बन्द


कृतिका सीधी :
मध्य प्रदेश की सरकार ने प्रदेश भर में चिटफंड कंपनियों की लूट का शिकार और ठगी का शिकार बन रहे लोगों को बचाने के लिए विशेष प्रयास किए हैं जिसके तहत मध्य प्रदेश के अनेक जिलों में चोरी.छिपे चल रही चिटफंड कंपनियों और अपने शातिर पूर्ण अंदाज में खुलकर चिटफंड का व्यवसाय कर रहे कुछ फर्जी बैंकिंग कंपनियों पर भी कार्यवाही करके उन पर नकेल कसने की कोशिश की गई सीधी जिले में भी जिले के पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत के प्रयास से जिले के कई सैकड़ों लोगों को राहत मिली है और उनके पैसे चिटफंड कंपनियों को वापस करने पड़े हैं लेकिन अब भी जिस तरह से मामले सामने आ रहे हैं उससे की गई कार्यवाही काफी कम महसूस की जा रही हैं 8 जनवरी को सीधी शहर में स्थित सहारा इंडिया परिवार में अपने पैसे जमा किए लोगों की भारी भीड़ जमा थी सिटी हलचल जब मौके पर पहुंची तो बैंक के अंदर एक लड़की चीख चिल्ला रही थी और अपना पैसा दिए जाने की सहारा के मौजूद कर्मचारियों से मांग कर रही थी लेकिन सहारा के कर्मचारी उस लड़की को उसकी रकम देने के बजाय उसको बैंक का चैनल गेट बंद करके अंदर बंद कर लिया था उसी दौरान मौके पहुंची सिटी हलचल को पीड़ित लड़की ने बैंक के अंदर से ही अपने साथ हो रहे अन्याय की जानकारी दी और कहा कि बैंक में उनके माता जी की 10 लाख रुपए जमा है जिसको बैंक वाले कई महीनों से देने में आनाकानी कर रहे हैं आगे लड़की ने कहा कि यह बैंक नहीं चोरी और दादागिरी का अड्डा बन गया है। सिटी हलचल को जानकारी देने के दौरान पीड़ित लड़की ने यहां तक कहा कि अगर उसे उसकी रकम वापस नहीं दी गई तो वह आत्महत्या तक करने को मजबूर हो जाएगी। जिस वक्त बैंक में बंद लड़की के साथ यह सब हो रहा था उसी दौरान बैंक के बाहर अन्य कई इसी तरह बैंक के जाल में फंसे उपभोक्ता भी सिटी हलचल से अपनी पीड़ा बयान करने लगे उन्होंने भी बैंक पर कई सवाल उठाए काफी हो.हल्ला और हंगामे के बाद पीड़ित लड़की ने अपने फोन से पुलिस को फोन किया जिसके बाद कोतवाली से आए दो पुलिसकर्मियों ने बैंक के अंदर पहुंचकर लड़की की पूरी बात सुनी और लड़की को थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा जिसके बाद लड़की अपने पति के साथ जिला कोतवाली पहुंच गई और उसने अपनी शिकायत का आवेदन जिला कोतवाली में दिया है अब पुलिस इस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है लेकिन जिस तरह से सहारा की शिकायतें लगातार मिल रही है उसके बाद इस संस्थान का खुला रहना भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है यदि ऐसी संस्थाएं बंद नहीं होंगी तो आने वाले समय में भी लोगों को गुमराह और ठगी से कैसे बचाया जा सकेगा इसकी जवाबदारी किसकी होगी कौन इसके लिए जिम्मेदारी लेगा।

एनटीवी इंडिया न्यूज़
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