सीधी के किसान संगठनों द्वारा किया गया कृषि कानूनों का व्यापक विरोध


कृतिका सीधी :
मोदी सरकार द्वारा बनाए गए 3 किसान कानून को किसान विरोधी काला कानून बता कर उसे वापस लिए जाने के लिए देश के लाखों किसान दिल्ली के चौतरफा सीमाओं पर सड़कों पर डेरा जमा कर आंदोलन कर रहे हैं साथ ही सरकार के अनर्गल प्रस्ताव को किसान यूनियनों ने सर्वसम्मति से अस्वीकार कर दिया है और आंदोलन पर डटे रहने का फैसला किया है 14 दिसंबर को किसान यूनियनों ने जिला मुख्यालयों पर धरने व विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था आह्वान के समर्थन में 14 दिसंबर को सीधी शहर में किसान संगठनों ने सड़को पर उतर कर किसान कानून का विरोध किया। इसी दौरान प्र्दर्शन में शामिल टोंको.रोंको.ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के सयोंजक उमेश तिवारी ने सिटी हलचल को किसानो के मानगो की जानकारी देते हुए कहा की सरकार को 3 काले कानून वापस लेने होंगे। सड़को पर विरोध प्रदर्शन के बाद किसानो ने कलेक्ट्रेट सीधी के सामने धरना दिया और देर शाम धरने के बाद राष्टपति के नाम जिले के अधिकारिओ को अपना ज्ञापन सौप कर धरना ख़त्म किया धरने में टोंको.रोंको.ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा किसान मजदूर महासंघ भारतीय किसान यूनियन एकता परिषद किसान सभा सहित कई जन संगठन शामिल हुए।

एनटीवी इंडिया न्यूज़
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