कोरोना में अस्थाई रूप से कार्य करने वाले कर्मचारी बाहर किए जाने के विरोध में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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कृतिका सीधी :

कोरोना काल के दौरान सीधी जिले में कोरोना को नियंत्रण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्थाई पदों पर स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती की गई थी जिन्होंने 5 महीने से लगातार जिले में कोरोना काल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर कोविड मरीजों का इलाज किया लेकिन अब जब जिले में स्थिति नियंत्रण में है ऐसे में शासन द्वारा सेवा दे रहे अस्थाई कर्मचारियों में 50 फ़ीसदी कटौती का फरमान जारी कर दिया गया है जिनमें एएनएम और फार्मासिस्ट को हटाया गया है अपनी इसी समस्या को लेकर 29 अक्टूबर को जिले में अस्थाई रूप से कोविड नियंत्रण के लिए कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मी कलेक्ट्रेट पहुंच गए और उन्होंने कोविड.19 के अंतर्गत समस्त स्वास्थ कर्मचारियों को स्थाई या संविदा में समिलियन किए जाने का ज्ञापन सौंपा जिला कलेक्ट्रेट अपनी समस्या का ज्ञापन देने आए उक्त स्वास्थ्य कर्मियों ने सिटी हलचल से अपनी समस्या बताते हुए कहा कि कि जब कोरोना के नाम पर लोग थरथर कांपते थे तब हम लोगों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर लोगों का इलाज किया और स्थिति को नियंत्रण में किया और अब जब स्थिति नियंत्रण में है तब हम लोगों को काम से बाहर किया जा रहा है जो कतई न्याय उचित नहीं है अस्थाई स्वास्थ कर्मचारियों ने सौपे गए ज्ञापन में कहा है की यदि हमारी मांगे नहीं सुनी जाएगी तो हम 1 नबम्बर से प्रदेश स्तरीय भूख हड़ताल करेंगे ।

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एनटीवी इंडिया न्यूज़

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