सौभाग्य योजना के तहत शहर से लेकर गांव-गांव में फैले बिजली के खंभे और उसमें लगे बिजली तार के रखरखाव को लेकर बिजली विभाग कितना गंभीर रहता है उसकी एक वानगी सीधी के एक गांव से सामने आई है, जहाँ जमीन से तार इतने नजदीक हैं कि आम इंसान उन बिजली दौड़ रहे तारों को आसानी से जमीन से ही पकड़ सकता है।
ग्रामीणों की शिकायत के वावजूद भी विभाग उन तारों को ऊपर कराने की जहमत नहीं उठा पा रहा है, जिसको लेकर ग्रामीणजनों में लापरवाह बने बिजली अधिकारियों के प्रति आक्रोश का माहौल है।
क्या है पूरा मामला
सीधी जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर स्थित बहरी कस्बे में महुआर गांव हैं जहां प्राचीन एक शिव मंदिर है। सावन के इस महीने में यहां प्रतिदिन भक्तों के आने जाने का तांता लगा रहता है लेकिन यहाँ बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही की वजह से किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। इस गांव में सौभाग्य योजना के तहत 1 वर्ष पहले लाखों की लागत से ठेके के माध्यम से घर-घर बिजली सप्लाई तार खंभे का निर्माण कार्य हुआ था जो कमीशन खोरी की वजह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। गुणवत्ता विहीन हुये बिजली सप्लाई तार पोल के निर्माण कार्य की पोल उस समय खुल गई जब थोड़ी सी तेज हवा और आंधी में बिजली के खंभे लचक गए और उसमें लगे बिजली तार जमीन के काफी करीब आ गए जिसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा 4 महीने से लगातार बहरी सब स्टेशन के जेई से लेकर जिले के तमाम बिजली विभाग के अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन विभागीय अधिकारी जमीन से करीब हुए बिजली दौड़ रहे तार को ऊपर कराने की जहमत नहीं उठा पा रहा हैं, यही नहीं यहां लगे बिजली ट्रांसफार्मर में भी तकनीकी खराबी बनी हुई है जिससे गाँव के लोगों को फुल बिजली का पावर नही मिल रहा है, जिससे गाँव में ना तो पंखे चलते, ना ही ठीक से लाईट जलती है। मंदिर से थोड़ी दूर ही बिजली ट्रांसफार्मर लगा है जिसके इर्द गिर्द से निकले बिजली तार जमीन से इतने नजदीक हैं कि लोग हाथ ऊपर करते हैं तो बिजली तार को पकड़ सकते हैं। यह स्थिति यहीं बस में है पूरे गांव में बनी हुई है जिससे गांव के लोग डर के साए में जिंदगी जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस पूरे मामले की शिकायत बहरी के जेई से लेकर जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारियों से की गई पर आज दिन तक अधिकारियों ने ठीक कराने की जहमत नहीं उठा पा रहे हैं। यही नहीं बिजली ट्रांसफार्मर की बुसिंग रॉड भी खराब है जिससे लोगों को फुल लाइट नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि 3 महीने पहले तेज हवा और आंधी आई थी जिससे बिजली पोल लटक गए हैं और तार जमीन से काफी नजदीक आ गए यहां प्राचीन शिव मंदिर है जहां भक्तों का तांता लगा रहता है अगर जरा भी हाथ ऊपर गया तो बिजली की चपेट में आ जाएंगे।