कोतवाली टीआई शेषमणि पटेल के छुट्टी पर जाते ही दलालों की चांदी हो गई है जहां आम आदमी की शिकायत पुलिस तक पहुंची ही नहीं पा रही है। पुलिस के पास पहुंचने से पहले ही पीड़ित को दलाल अपने चुंगल में फंसा लेते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली में आने वाले शिकायतकर्ता से कार्रवाई करवाने को लेकर सौदेबाजी की जाती है तथा फर्जी मुकदमा भी करवाने के लिए कोतवाली पुलिस पर दबाव डाला जाता है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक पुलिसकर्मी ने बताया कि उक्त दलाल द्वारा एसपी से लाइन अटैच एवं सस्पेंड करवाने की धमकी दी जाती। वहीं मरता क्या न करता मजबूरन पुलिस को मुकदमा कायम करना पड़ता है।
ऐसे चलता है दलाली का खेल
प्राप्त जानकारी के अनुसार जैसे ही शिकायतकर्ता कोतवाली आता है तुरंत ही उससे दलाल संपर्क करते हैं उसको कार्रवाई का भरोसा दिला कर उससे पैसा ऐंठ लिया जाता है। वहीं अगर पीड़ित पैसा देने से मना किया तब उसको उल्टा फंसाने की धमकी दी जाती है। वहीं जब शिकायतकर्ता से दलालों द्वारा पैसा ले लिया जाता है और आवेदन के अनुसार पुलिस जांच कर कार्रवाई करती है तो अगर दलालों का मन मुताबिक कार्यवाही नहीं हुई तो शिकायतकर्ता को एसपी के समक्ष पेश किया जाता है तथा दलालों के मुताबिक कार्रवाई नहीं होने पर लाइन अटैच तथा सस्पेंड करवाने की धमकी जाती है। देखना ये है कि ऐसे दलालों पर पुलिस कप्तान क्या कार्रवाई करते हैं।