सीधी शहर से लगे ग्राम रोझौहा में नक्शा तरमीम न होने से डेढ़ दर्जन भू.स्वामियों की जमीन विवाद में उलझ गई

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कृतिका सीधी :

सीधी शहर से लगे ग्राम रोझौहा में नक्शा तरमीम न होने से डेढ़ दर्जन भू.स्वामियों की जमीन विवाद में उलझ गई है। विवाद को देखते हुए एसडीएम द्वारा संबंधित जमीनों पर स्थगन आदेश दे दिया गया है। स्थगन आदेश जारी होने से खेती युक्त जमीन भी पड़ती पड़ी हुई है। ऐसे में पीडि़त भू.स्वामियों स्वामित्व की जमीन के लिए अब परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जमीनों का नक्शा तरमीम न होने पर विक्रेता अनावेदक पक्ष पीडि़त लोगों आवासीय घर व जमीन को अपना बता रहा है। गोपद बनास तहसील अंतर्गत ग्राम रोझौहा निवासी समयलाल जोगी बुद्धसेन जोगी कंतालू पत्नी महावीर गुप्ता राजभान बानी विद्याप्रसाद बानी लालू प्रसाद बानी कमलेश बानी राकेश बानी जग्यभान जोगी रामावतार जोगी बुद्धिसेन जोगी एवं राजकरण जोगी की शिकायत अनुसार इनकी आवासीय भूमियों व खेती युक्त जमीनों का नक्शा तरमीम न होने के कारण इनकी भूमियों पर शिवमूरत जोगी दिगरजुआ जोगी रामदरस जोगी एवं रामभुवन जोगी स्वत्व की भूमि बताकर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। जबकि पीडि़त पक्ष के परिजनों द्वारा कई वर्ष पूर्व जमीनी खरीदी कर उसमे घर बनाकर रहते आ रहे हैं। आवेदक और अनावेदक पक्ष के मध्य स्वत्व अधिपत्य की भूमियां हैं। इन भूमियों का आज तक नक्शा तरमीम नहीं हो सका है। जिस कारण से भूमियों का बटवारा दोनों पक्षों के मध्य न होने से विवाद की स्थिति निर्मित हो गई है। उक्त भूमियों में मकान लॉयन निकार एवं निस्तार बना हुआ है। बताया गया है कि नक्शा एवं खसरा की त्रुटि भी है। हालांकि पीडि़त पक्षों द्वारा नक्शा.खसरा सुधार के लिए आवेदन किया गया था लेकिन अभी तक सुधर नहीं पाया है। जिससे विवादित भूमि पर राजस्व खसरे पंचशाले में भूमि स्वामियों का नाम अनावेदक पक्ष का नाम दर्ज है। भू.स्वामियों के बीच विवाद की स्थिति को देखते हुए ही पिछले माह 9 जून 2020 को उपखण्ड अधिकारी गोपद बनास द्वारा स्थगन आदेश जारी कर दिया गया था। स्थगन आदेश के बाद भी विवाद की स्थिति बनी हुई है। भूमि कब्जे को लेकर आवेदक और अनावेदक पक्षों के बीच आपसी विवाद की स्थिति बनी हुई है। स्थगन आदेश के बाद खेती युक्त जमीनों में हल नहीं चल पा रहे हैं। जिससे खेती को लेकर भी परेशानी हो रही है। बताया गया है कि अनावेदक पक्ष से कई भू.स्वामियों द्वारा भूमि की खरीदी की गई थी। जिसमे कई के पास जमीनी की रजिस्ट्री पट्टा भी है। लेकिन राजस्व अमले की लापरवाही के कारण भूमियों का नक्शा तरमीम न हो पाने के कारण विक्रेता पक्ष बिकी हुई भूमियों पर भी आपत्ति कर रहा है। उस पर भी कब्जे का प्रयास कर रहा है। जिससे गंभीर विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। रोझौहा स्थित उक्त भूमियों में विवाद की स्थिति तब निर्मित हुई जब अनावेदक पक्ष द्वारा आराजी नंण् ६ए ७ए १४ एवं १९ की पथरगड़ी पिछले माह करायी गई। अनावेदक पक्ष के अनुसार शिवमूरत द्वारा 5 एकड़ २५ ढिस्मिल की भूमि बिक्री की गई थी लेकिन क्रेता द्वारा 5 एकड़ ३० ढिस्मिल में कब्जा कर लिया गया है। आराजी नं .१७ की बिक्री की गई लेकिन कब्जा १४ नम्बर में भी कर लिया गया है। इतना ही नहीं दूसरे लोगों को भी बहकाकर विवाद की स्थिति निर्मित की जा रही है। अनावेदक पक्ष का मानना है कि जो जहां काविज है रहा आये लेकिन हमारी जो कब्जे स्वामित्व की भूमि है उसे छोड़ दिया जाये। बहरहाल नक्शा तरमीम के बाद ही विवाद सुलझने की संभावना है।

 

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