शासन के निर्देशों कि उड़ रही है खुले आम धज्जियां; काम में हो रहा है मशीनरी का प्रयोग


कृतिका सीधी :
खबर सीधी जिला अंतर्गत जनपद पंचायत मझौली से आई है जहा जिला शाशन के निर्देश की धज्जियां उड़ाते हुए विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों की शह पर ग्राम पंचायतों में मनरेगा अंतर्गत कई कार्य मशीनों द्वारा कराया जा रहा है पंचायत कर्मियों द्वारा ग्राम पंचायत के ऐसे मजदूरों के नाम मस्टररोल की राशि आहरित कर वसूली की जाती है जिसका हिसाब वरिष्ठ अधिकारियों को पहुंचा दिया जाता है जिससे वरिष्ठ अधिकारी खुश होकर पंचायत कर्मियों को किसी भी तरीके के काम करने की छूट दे रखी है यहां तक की मेड बंधान का कार्य को भी रोजगार सहायक के बताए अनुसार वाटर सेट का बताया जा रहा है तो सवाल यह उठता है कि क्या वाटर सेट द्वारा कराए गए मेड बंधान कार्य के लिए शासन ने मशीनरी को छूट दे रखी है विदित हो कि विगत दिनों जिला कलेक्टर सीधी रविंद्र कुमार द्वारा विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित आयोजित कर ग्राम पंचायतों सहित नगर पंचायतों में ज्यादा से ज्यादा काम चालू कर लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था लेकिन कलेक्टर के इस आदेश को दरकिनार करते हुए स्थानीय अधिकारियों के सह पर ग्राम पंचायतों में सभी कार्य मशीनों द्वारा कराया जा रहा है गरीबों की हक की राशि डकारी जा रही है विगत दिनों ग्राम पंचायत नौढिया मैं ट्रैक्टर द्वारा खुदाई कर नाबालिग मजदूरों से कार्य कराए जाने की खबर कवरेज कर प्रकाशित की गई थी जिस को संज्ञान में लेते हुए जिला सीओ ए बी सिंह द्वारा सचिव को निलंबित करते हुए सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया किया गया था वहीं सीईओ को पत्र लिखकर संपूर्ण मामले की जांच उपरांत 26 जून को कार्यालय में उपस्थित होकर जानकारी देने के लिए कहा गया था इसके बावजूद भी यदि देखा जाए तो अधिकारी कर्मचारी सहित पंचायत कर्मी निडर होकर लगातार मशीनों से कार्य करा रहे हैं जिसका ताजा मामला ग्राम पंचायत बोदारी टोला में देखने को मिला 28 जून को सुबह सूचना मिली कि बोदारी टोला मे मशीन द्वारा मोतीलाल सिंह वगैरह के खेत में मेड बंधान का कार्य किया जा रहा है जब लोकल मीडिया की टीम वहां पहुंची तो सूचना एकदम सही थी सरपंच पति के सगे भाई जेसीबी से मेड बंधान का कार्य करा रहे थे मीडिया को देखकर बढ़ाते हुए इधर.उधर घूम फिर कर किसी को कॉल करने में व्यस्त रहे मशीन द्वारा कराए जा रहे कार्य की जानकारी फोन पर सीईओ मझौली विजय श्रीवास्तव को दी गई लेकिन उनके द्वारा मौके पर कार्यवाही नहीं की गई ऐसे में कलेक्टर के आदेश निर्देश पर गौर किया जाए तो संपूर्ण कार्यों में मशीनरी प्रतिबंधित की गई है फिर मशीनों के द्वारा कराए जा रहे कामो पर कार्यवाही क्यो नहीं की जा रही है। कार्यवाही नहीं होने की वजह से भ्रष्टाचारियो के हौसले दिनों दिन बुलंद होते जा रहे हैं लोगों ने प्रशासन से भ्रष्टाचारी सरपंच सचिवों खिलाफ जांच करके कार्यवाही की मांग की है अब देखना होगा की प्रशाशन क्या इस मामले में कार्यवाही करता है या सब यू ही चलता रहेगा।

एनटीवी इंडिया न्यूज़
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