छोटे व्यापारियों को पुनः उनके व्यापार हेतु संबल प्रदान करने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना सीधी जिला भी है योजना में शामिल –


कृतिका सीधी :
कोविड-19 महामारी के कारण शहरी पथ पर ठेला, गुमटी पर अथवा सड़क पटरी पर सामान रख कर व बस्ती-बस्ती में घूम-घूम कर विक्रय करने वाले छोटे व्यवसायी जो रोज कमा कर अपनी व अपने परिवार का भरण-पोषण करते है, उनकी आजीविका सबसे अधिक प्रभावित हुई है। भारत सरकार द्वारा ऐसे व्यवसायियों को पुनः रोजगार से जोड़ने एवं स्थाई आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के लिये पीएम स्ट्रीट वेन्डर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना को पूरी तरह पारदर्शी व पेपरलेश रखने व प्रत्येक स्तर पर कार्यवाही पूर्ण करने संबंधी समय-सीमा तय किये जाने का प्रयास किया गया है। भारत सरकार (प्रधानमंत्री कार्यालय), मध्य प्रदेश शासन स्तर पर एवं जिला स्तर पर योजना के प्रगति की नियमित मानीटरिंग की व्यवस्था की गयी है। जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों नगर पालिका परिषद सीधी, नगर परिषद चुरहट, नगर परिषद रामपुर नैकिन एवं नगर परिषद मझौली में प्रभावशील है जिसके अनुक्रम में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की वेबसाइट ूूू.उचनतइंद.हवअ.पद शहरी असंगठित कामगार पोर्टल पर आधार व समग्र आई.डी. आधारित पेपरलेस पंजीयन/सत्यापन की कार्यवाही प्रारंभ है जों 25 जून 2020 तक पूर्ण हो जायेगी। आगामी दिनों में इसी पोर्टल को पीएम स्ट्रीट वेन्डर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना से लिंक कर दिया जायेगा। योजना माह जुलाई 2020 से प्रभावशील होगी तथा तत्समय से ही कार्यशील पूँजी ऋण प्रदान किया जायेगा जो 31 मार्च 2022 तक क्रियाशील रहेगी। योजनान्तर्गत ऋण राशि बिना किसी धरोहर की देय होगी तथा पूर्व भुगतान पर कोई पेनल्टी नहीं ली जायेगी। पंजीकृत पात्र हितग्राहियों को 10 हजार रुपये की कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान किया जायेगा जिसे उन्हे एक वर्ष की अवधि में मासिक किस्तों में लौटाना होगा, शीघ्र अथवा समय समयपूर्व ऋण वापसी करने वाले हितग्राही पुनः पूँजी ऋण के लिये पात्र हो जायेगें। इस प्रकार के ऋण पर वित्तीय पोषण संस्थाओं द्वारा आर.बी.आई. के ऋण मानकों के आधार पर ब्याज लिया जाएगा। कार्यशील पूंजी ऋण पर भारत सरकार द्वारा 07 प्रतिशत ब्याज अनुदान सहायता प्रत्येक त्रैमास में हितग्राही को प्रदान की जायेगी तथा शेष 07 प्रतिशत से अतिरिक्त ब्याज अनुदान राशि मध्यप्रदेश शासन द्वारा वहन किया जायेगा अर्थात् कार्यशील पूंजी पूर्णतः ब्याज मुक्त उपलब्ध होगी। बैंकवार लक्ष्य निर्धारित किये जायेगें तथा जिला स्तरीय समन्वय समिति (डी.एल.सी.सी.) की प्रत्येक बैठक में योजना के प्रगति की समीक्षा की जायेगी। योजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश सिड्बी द्वारा तैयार किया जा रहा है जिसे पृथक से सभी बैंकर्स को उपलब्ध कराया जायेगा। निकाय क्षेत्र में योजना के प्रचार-प्रसार का पूर्ण दायित्व मुख्य नगर पालिका अधिकारियों का होगा।

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