पाकिस्तान से युद्ध लड़ने वाला फौजी आज लाचार

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पेंशन हुई बंद, खाने को पड़े लाले

कृतिका: सीधी

पाकिस्तान से देश के लिए लड़ने वाला फौजी चीन बॉर्डर पर देश की सेवा करने वाला आज दर बदर की ठोकरें खाने को मजबूर है। फौजी को दुख इस बात का है कि उसकी पेंशन तक बंद हो गई है। जहां वृद्धावस्था में खाने को लाले पड़ गए हैं।
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देशभक्त सैनिक को वृद्धावस्था में अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटकना पड़ता है जहां सैनिक ने कलेक्टर को शिकायती आवेदन देकर पेंशन दिलाये जाने की गुहार लगाई है।
ये है पूरा मामला
चुरहट थाना अंतर्गत बड़ौरा निवासी नायक सूर्यभान प्रसाद पिता स्वर्गीय जगदीश प्रसाद तिवारी बैच नंबर 1172415 ई एक्स 1961 में आर्मी में भर्ती हुए थे। फौजी के बताए अनुसार 1977 में रिटायर हुए थे। पीड़ित फौजी द्वारा बताया गया कि दिसंबर 1980 तक पेंशन प्राप्त हुआ जिसके बाद एक  दुर्घटना में आवेदक को हत्या के झूठे आरोप में फसा दिया गया। जहां उच्च न्यायालय जबलपुर एवं देश की सबसे बड़ी अदालत सर्वोच्च न्यायालय ने परिदिक्षा की अवधि का लाभ देकर बरी कर दिया था। इसके बाद फौजी ने अपना शांति पूर्वक जीवन निर्वाह कर रहे थे। पीड़ित फौजी ने बताया कि इसी दरमियान जिला कोषालय सीधी द्वारा बिना किसी सक्षम आदेश एवं अधिकारिता के पेंशन को रोक दिया गया, उम्र बढ़ती गई और हालत यह रहा कि जीवन यापन का संकट उत्पन्न हो गया है। बताया गया कि जिला कोषालय सीधी द्वारा बिना किसी आधार के उनकी पेंशन रोक दी गई है।जबकि प्रार्थी भारतीय फौज में कई दशकों तक सेवा किया है।
प्राप्त हुए थे कई मेडल
पीड़ित वृद्ध फौजी ने 1966 से 1969 तक चीन बॉर्डर सिक्कम में अपनी सेवा दी थीं। जिसके बाद पाकिस्तान बॉर्डर जम्मू कश्मीर में 1971 से 74 तक बॉर्डर का सेवा करता रहा इस दरमियान देश के लिए कई लड़ाई  में शामिल रहा। देश के लिए लड़ाईयों में जीत के बाद कई मेडल भी प्राप्त हुआ है लेकिन आज देश की सेवा करने वाला फौजी दो वक्त की रोटी को मोहताज हो गया है। पीड़ित फौजी ने कलेक्टर रवींद्र चौधरी को शिकायती आवेदन देकर पेंशन देने की गुहार लगाई है।
इनका कहना है 
मामला मेरे पास आया है मैं जांच करवाता हूं कि पेंशन क्यों बंद हो गयी है। जांच उपरांत इस मामले में यथाउचित कार्रवाई की जाएगी तथा सैनिक को जितनी भी मदद हो सकेगी हमारे द्वारा की जाएगी।
रवींद्र चौधरी
कलेक्टर, सीधी
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