मॉडल एक्ट के विरोध में मंडी कर्मचारियों और अधिकारियों ने काले कपड़े पहन कर मनाया काला दिवस

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सीधी : धर्मेन्द्र : मध्य प्रदेश की सरकार द्वारा मंडी को लेकर लागू किए गए माडल एक्ट का पूरे प्रदेश में मंडी के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा ही भारी विरोध किया जा रहा है इस कानून के लागू होते ही पूरे प्रदेश के मंडी कर्मचारियों और अधिकारियों ने इस कानून का विरोध शुरू कर दिया था और कहा था कि इस काले कानून से ना तो किसानों का हित होगा और ना ही व्यापारियों का और ना ही इसे मंडी कर्मचारियों का हित होगा यह कानून सबके लिए नुकसानदायक है उसी कानून को लेकर विगत दिनों मंडी कर्मचारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन जिले के कलेक्टर से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक को अपना ज्ञापन सौंपा था और इस काले कानून को वापस लेने की मांग की थी लेकिन कई दिन गुजर जाने के बाद मध्य प्रदेश की सरकार ने इस काले कानून को हटाने के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जिसके बाद मजबूर होकर प्रदेशभर के मंडी कर्मचारियों व्यापारियों तुलावटी हम्माल जो जमीनी स्तर से जुड़कर जिन्होंने इस मंडी को अपने खून पसीने से सींचा आज इस मुकाम तक मंडी को पहुंचाया जिसकी कमाई से प्रदेश भर में सड़कों का निर्माण होता है विकास कार्य होते हैं आज वह सब नजर अंदाज कर दिए गए हैं उन कर्मचारियों की मेहनत को नजरअंदाज कर दिया गया है इससे नाराज होकर 6 जून को पूरे प्रदेश में मंडी कर्मचारियों और सभी जुडे लोगों ने संयुक्त रूप से इस काले कानून के विरोध में काले कपड़े पहनकर हाथों में काली पट्टी बांधकर इसका पुरजोर विरोध किया है 6 जून को सीधी कृषि उपज मंडी कार्यालय में भी अधिकारियों कर्मचारियों व्यापारियों तुलावटी ने इस काले कानून के विरोध में काले कपड़े पहनकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस काले कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की कर्मचारियों अधिकारियों का कहना है कि इस काले कानून की वजह से आने वाले कुछ दिनों में उनको वेतन के लाले पड़ जाएंगे और उनकी पेंशन भी नहीं मिलेगी इससे उनका काफी नुकसान है और जो व्यवस्था है वह भी चौपट हो जाएगी प्रदर्शन आंदोलन के दौरान किषि उपज मंडी सीधी के सचिव उमाशंकर अग्निहोत्री ने एन टीवी इंडिया न्यूज को बताया कि इस काले कानून की वजह से व्यवस्था चरमराने वाली है और बहुत से लोग इससे बेरोजगार हो जाएंगे किसानों को भी उनकी उपज का पर्याप्त मूल नहीं मिलेगा और वह बिचौलियों और दलालों का शिकार हो जाएंगे । वही कर्मचारी संघ के अध्यक्ष टी पी सिंह कहां की इस काले कानून की बदौलत बहुत बड़ी आफत आने वाली है और बड़ी संख्या में बेरोजगारी और मंडी की जो व्यवस्था थी वह भी खराब हो जाएगी और कर्मचारियों का अहित होगा इसलिए हम चाहते हैं कि सरकार अपने इस फैसले पर विचार करें और इस कानून को तत्काल वापस ले आगे कर्मचारी अधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार हमारी मांगे नहीं मानेगी तो आने वाले समय में हम आगे और भी उग्र आंदोलन प्रदर्शन करेंगे प्रदर्शन के दौरान मंडी सचिव उमाशंकर अग्निहोत्री कर्मचारी संघ के अध्यक्ष टी पी सिंह बालेनद प्रसाद तिवारी अजय कुमार शुक्ला पवन द्विवेदी राणा प्रताप सिंह अनूप कुमार मिश्रा रोहिणी सिंह रितेश दुबे एवं अन्य कई कर्मचारी तुलावटी हममाल और व्यापारी बड़ी संख्या में मौजूद थे ।

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