कोरोनाकाल में दुनियांभर का जनजीवन अस्तव्यस्त है। भारत में लॉकडाउन के चलते बहुत से लोगों को अपने रोज़गार से हाथ धोना पड़ रहा है और लॉकडाउन समय की मांग और जरूरत भी है। ऐसे में विभिन्न रोजगारों को सरकार की तरफ मदद की घोषणायें अलग अलग स्तरों पर की गई हैं। वहीं समाज का एक तबका कलाकारों का इन लाभों से वंचित है। भारत में नृत्य ,संगीत , नाट्य , लोककला , चित्रकला , मूर्तिकला , सभी को जोड़ दिया जाए तो कलाकारों की संख्या करोड़ों की हो जाती है। किन्तु देश में कोई भी कला नीति न होने की वजह से संकट के समय इनकी गिनती किसी वर्ग में नही होती। न ही सरकारों के पास भारत के प्रत्येक कलाकार की जानकारी का कोई डाटाबेस है। ऐसे में जब देश या प्रदेश में बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा होती है तो उसका लाभ कलाकारों को मिलता दिखाई नहीं देता। जबकि रोजगार उनके भी बंद हैं क्योंकि कोई भी कला प्रस्तुति जन समूह के बीच होती है। जनता और प्रायोजकों के समर्थन से कलाकारों की आजीविका के साधन उत्पन्न होते हैं। ऐसे में मार्च से सभी प्रस्तुतियां और कलात्मक आयोजन बंद हैं और लॉकडाउन खुलने के कई महीने बाद भी ऐसे आयोजन होने की संभावना बहुत कम या न के बराबर है। ऐसे में देश के करोड़ों कलाकारों पर आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। केंद्र और राज्य की सरकारों को अपनी स्थिति से अवगत कराने हेतु भारत भर के कलाकारों ने बीते 2 जून को दो जून की रोटी के लिए संघर्षरत कलाकारों की स्थिति का प्रदर्शन सोशल मीडिया के ज़रिए किया। इसी क्रम में सीधी जिले के कलाकारों ने भी लॉकडाउन का पालन करते हुए अपने घरों से ही प्रदर्शन किया और उसे फोटो वीडियो माध्यम से सोशल मीडिया पर साझा किया। इस फोटो में सोशल डिसटेंसिंग का पालन करते हुए सूने साज के प्रतीक में सभी वाद्य यंत्र (हारमोनियम ,ढोलक , मजीरा इत्यादि ) एक तरफ रखकर कलाकार निराश मुद्रा में मुख पर मास्क लगाकर बैठे नज़र आए।
रंगकर्मी प्रसन्न सोनी ने बताया कि इस सांकेतिक प्रदर्शन में सरकार की किसी नीति या निर्णय का विरोध नहीं किया गया। यह सिर्फ सरकार और समाज से कलाकारों की एक मांग है कि समाज के अन्य वर्गों की तरह हम भी कोरोनोकाल में आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं। वैसे भी सामान्य दिनों में भी कलाकार आर्थिक रूप से कमजोर ही होता है। संकटकाल में हमारी स्थिति और निराशाजनक हो गई है इसलिए कलाकार वर्ग की तरफ भी सरकार और समाज ध्यान दे और हमारी मदद को आगे आएं।
सीधी ज़िले के कलाकारों ने अपने अपने घरों से अपने फेसबुक पर सूने साज सुने सरकार का पोस्टर हाथ में लेकर फोटो साझा किए जिनमें प्रमुख रूप से श्रोती सिंह परिहार , रोशन अवधिया, अनंत मिश्रा , जितेन्द्रदेव पाण्डेय, मनीष नामदेव ,जाग्रति गुप्ता , सुनील रावत ,निखिल पाण्डेय, रवित मिश्रा , सौरभ सिंह परिहार ,सूरज अग्रहरी , कमलेश सिंह , राजीव चौबे ,कुलदीप सोनी रहे।