राज्य हो या केंद्र सरकार गरीबों के लिए तरह-तरह के योजनाएं चालू की है तथा आम जनता शौच करने बाहर ना जाए जिसके लिए भाजपा सरकार घर-घर शौचालय बनवा रही है लेकिन जमीनी हकीकत पर ग्रामीणों के मिलने वाले प्रधानमंत्री आवास तथा शौचालय पर ग्राम पंचायतों में उपस्थित सचिव सरपंचों का कमाई का जरिया बन गया है। जिसका लाभ देने के लिए वकायदे एक हज़ार से पांच हज़ार रुपये तक चढ़ावे के तौर पर लिया जाता है जिसने पैसा दिया उसको शासन की सभी सुविधाएं मिल गई लेकिन जिसने सुविधा शुल्क नहीं चढ़ाया उसको कोई भी योजना नसीब नहीं होती है। इसकी वानगी बीते सोमवार को देखने को मिली जहां एक बुजुर्ग ने सहायक सचिव के द्वारा मारपीट से आहत होकर कलेक्टर के पास न्याय पाने के लिए गुहार लगाई है।
यह है पूरा मामला
मझौली तहसील अंतर्गत चंदोहीडोल निवासी जगदीश प्रसाद केवट पिता रेमला केवट उम्र 50 वर्ष ने कलेक्टर को शिकायती आवेदन देकर गुहार लगाई कि गांव-गांव शासन द्वारा शौचालय बनवाया जा रहा है जिसके लिए मैं अपने ग्राम पंचायत चंदोहीडोल के सहायक सचिव कनक द्विवेदी के पास गया था जहां उन्होंने एक शौचालय के बदले 2000 की मांग की थी। सहायक सचिव द्वारा पैसा मांगे जाने पर मैंने पैसा देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर कार्यालय में ही तू-तू मैं-मैं होने लगी। इसी दरमियान सहायक सचिव कनक द्विवेदी लाठी उठाकर मुझे मारने लगा।
बुजुर्ग के पांव में गंभीर लाठी से मारी हुई चोट दिखाई दे रहा थी। वहीं पूरे मामले ने कलेक्टर रवींद्र चौधरी ने संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
इनका कहना है
चंदोहीडोल सहायक सचिव के मारपीट का मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग को लाठी से सहायक सचिव मारा दिया गया है। किसी भी ग्रामीण के साथ मारपीट करने का अधिकार किसी को नहीं है। मैं सहायक सचिव पर कार्रवाई कर रहा हूं।