कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह भदौरिया ने सीधी जिले में कभी कलेक्टर रहे तथा बाद में राजनीति में आकर छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री बने अजीत जोगी के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि श्री जोगी के निधन की खबर सुनकर सीधी जिले में भी शोक की लहर है।
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के साथ अपने संस्मरण को याद करते हुए श्री भदौरिया ने कहा कि एपीके जोगी आईएएस की बतौर कलेक्टर उनकी प्रथम पलस्थापना सीधी में हुई थी। उनका कार्यकाल सीधी जिले में 22 अक्टूबर 74 से अक्टूबर 77 तक का 3 वर्ष का कार्यकाल रहा है। मानस भवन सीधी, गांधी विद्यालय, गोपद नदी का पुल जो निगरी होकर सिंगरौली जिले को जोड़ता है एवं कुसमी की सड़क का निर्माण उल्लेखनीय है क्योंकि पहले गांधीग्राम तक ही वाहन जा पाते थे।
श्री भदौरिया ने कहा कि सीधी जिले के विकास में श्री जोगी का काफी योगदान रहा है। वो सरल व्यक्तित्व प्रतिभावान युवक होने के नाते जिले में बहुत जल्दी लोकप्रिय हो गए थे। इसी कारण कुंवर अर्जुन सिंह की नजर उनके व्यक्तित्व पर पड़ी और जब इंदौर कलेक्टर थे तब उन्होने उन्हें राजनीति की ओर मोड़ दिया और बाद में वो छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री बने।
राजेंद्र भदौरिया ने बताया कि अजीत जोगी के साथ दाऊ कुंवर अर्जुन सिंह की कृपा से जब मैं अपेक्स बैंक का संचालक था विश्व भ्रमण करने का अवसर प्राप्त हुआ उनके साथ पेरिस, लंदन, वाशिंगटन, लास एंजेलिस, टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक विश्व भ्रमण अक्टूबर 1983 में करने का अवसर प्राप्त हुआ यह सहकारिता का अध्ययन भ्रमण था जिसमें वर्तमान राष्ट्रीय सूचना आयुक्त बिमल जुल्का, आईएएस चरणदास महंत, रविंद्र प्रताप सिंह भगवान सिंह यादव सहित देश के प्रमुख सहकारिता नेता उस टूर में थे। मैं दुखी हृदय से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं सीधी जिले की ओर से उन्हें हमेशा याद किया जावेगा।