कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉक डाउन के चलते शहर के बारात घरों में शहनाई नहीं गुंजी और होटल, पैलेस का व्यवसाय ठप हो गया है। सीधी में करीब 50 से ज्यादा होटल, मैरिज गार्डन, पैलेस हैं, जहां की लग्न के सीजन में रोजाना शादियां होती थीं। लाक डाउन के चलते सभी होटल, मैरिज गार्डन बंद होने से एक भी शादी नहीं हो सकी है। लाक डाउन 4 में एक शादी में 50 लोग शामिल होने की छूट से भी इस पेशे से जुड़े लोगों को कोई राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है। होटल व मैरिज गार्डन, पैलेस से जुड़े व्यापारियों का कारोबार मुश्किल में है। लाक डाउन में 2 मार्च से व्यवस्था पूरी तरह से बंद रही लेकिन खर्चे जारी रहे, होटल तथा पैलेस में काम कर रहे कर्मचारियों की सैलरी, बिजली बिल व अन्य खर्चे बिना कमाई के अपनी जेब से भरने पड़ रहे हैं। लाखों का गच्चा खा चुके व्यवसाई अब चाहते हैं कि सरकार उनकी भी सुध ले, टैक्स एवं बिल भरकर सरकार के राजस्व में इजाफा करते हैं तो सरकार भी अब कम से कम बिजली के बिलों से छुटकारा दिला सकती है।