चुरहट विधानसभा के लकोड़ा गांव में आधा दर्जन से ज्यादा घरों को प्रशासन ने गिराया
धर्मेन्द्र: सीधी
शासकीय भूमि पर घर बनाकर जीवकोपार्जन करने वाले 7 घरों को बिना सूचना दिये प्रशासन द्वारा ढहा दिया गया। लाकडाउन को लेकर शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किराये के माकान में रहने वालों को भी बाहर नहीं निकाला जा सकता। ऐसी स्थिति में घर गिराने एवं उनका सामान फेंके जाने को लेकर प्रशासनिक अमले पर सवालिया निशान उठने लगा है।
इस मामले को लेकर जब कोई सत्ता या विपक्ष के नेता इन गरीबों की मदद करने नहीं आए तो करणीसेना के अध्यक्ष प्रमोद सिंह परिहार के नेतृत्व में आज कलेक्टर को हरिजन, आदिवासियों सहित ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में उल्लेखित किया गया है कि चुरहट विधानसभा अंतर्गत लकोड़ा गांव में करीब 8 वर्षों से निवासरत हैं। इन सभी गरीबों का कहना है कि राजस्व अमले द्वारा पांच मई को नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस का जवाब भी सभी लोग नायब तहसीलदार को दे चुके हैं। इन सब के बावजूद भी कोरोना जैसी महामारी को नजर अंदाज कर माकान गिरा दिया गया। बताया गया है कि इन सबसे 20-20 हजार रूपये की मांग भी की गई थी न देने के कारण 19 मई को दोपहर में एक प्रायवेट जेसीबी मशीन मगाकर सिर्फ घर ही नहीं गिराया गया बल्कि सामान भी फेककर नष्ट कर दिया गया। ज्ञापन देने आये लक्ष्मी प्रसाद बंशल, बब्बू बंशल, जमादार बंशल, कोटेदार, सोनउआ बंशल, बब्बू कोल, छोटेलाल कोल एवं गुजरतिया कोल ने बताया कि उनके परिवार सहित सात घरों को एसडीएम तहसीलदार एवं थाना कमर्जी पुलिस ने बिना सूचना दिए व उन्हे सामान तक नहीं निकालने दिये। शासकीय भूमि में वहीं पर 50 लोगों का घर बना है किसी का घर नहीं गिराया गया इन 7 लोगों की पूरी सामग्री उनकी उसी घर में दब गई पर उन गरीबों के लिए ना किसी राजनीतिक पार्टी और ना किसी संगठन ने हाथ आगे बढ़ाया। वो बेचारे रात दिन भूखे प्यासे मर के दो-तीन बार कलेक्ट्रेट का चक्कर 25 किलोमीटर दूर से पैदल 50 लोग छोटे-छोटे बच्चे लेकर लगा चुके हैं इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की जाती है जबकि जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है।
करणी सेना के जिलाध्यक्ष प्रमोद सिंह परिहार ने कहा कि शासकीय भूमि में काविज हरिजन, आदिवासियों के घर गिराने को लेकर अब आरपार की लड़ाई होगी। उन्होने कहा कि भाजपा या कांग्रेस कोई इन गरीबों की मदद करने नहीं आया। इसलिए हमने ठाना है कि जब तक इन्हे न्याय नहीं मिलेगा यह संघर्ष जारी रहेगा। लाकडाउन के बाद करणी सेना द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। श्री सिंह ने कहा कि कलेक्टर द्वारा आश्वासन दिया गया कि शीघ्र ही उन्हे उचित न्याय मिलेगा।
जांच के लिए दिया गया है आदेश : कलेक्टर
ज्ञापन लेने के दौरान कलेक्टर रवीन्द्र चौधरी ने कहा कि इस मामले को लेकर विधिवत जांच करायी जाएगी। यदि अन्याय हुआ है तो निश्चित रूप से न्याय मिलेगा।