संकटकालीन समय गरीबों के लिए अभिशाप और भ्रष्टाचारियों के लिये वरदान है: का. सुन्दर सिंह

0 286
Main Ad1

कृतिका: सीधी
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण या मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चाहे जितनी घोषणाएं कर दें जितना पैसा दे दें पर गरीबों के हाथों एक पैसा भी मिलने वाला नहीं है। तालाबंदी 2 माह बीतने चले हैं न जाने कितने मजदूरों, गरीबों की भूँख और दुर्घटना के कारण मृत्यु हो चुकी है। न जाने कितने छोटे-छोटे बच्चे माता-पिता विहीन और महिलाएं विधवा हो चुकी हैं, किन्तु राज्य और केन्द्र सरकार को इनकी कोई परवाह नहीं है।
Main Ad1
उक्त बातें माक्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के जिला प्रमुख कामरेड सुंदर सिंह ने अपने जारी एक प्रेस नोट में कही हैं।
श्री सिंह ने कहा कि एक तरफ हमारे देश की सीमा पर तैनात आतंकवादियों से लड़ते हुये सेना के सिपाही से लेकर बड़े-बड़े अधिकारी अपनी कुर्बानी दे रहे हैं और उसी समय पर देश के अन्दर ही हवाई जहाज से एक तरफ पुष्पवर्षा की जा रही है दूसरी तरफ ताली और थाली बजाकर स्वागत किया जा रहा है। ऐसा दृश्य दुनिया के पैमाने पर कहीं देखने को नहीं मिल रहा है। जहां तक प्रधानमंत्री के 20 लाख करोड़ रूपये से देश को उबारने का सवाल है वो उनके घोषणाओं के साथ ही दिखने लगा है। मनरेगा का सवाल चाहे सीधी जिले का हो, चाहे उत्तर प्रदेश का हो और चाहे समूचे देश का हो वहीं कार्यक्रम चल रहा है, जिसकी नीव कांग्रेस पार्टी ने डाली है।
कामरेड सुंदर सिंह ने कहा कि आकाल, अतिवृष्टि, सूखा और महामारी के फैलने का लाभ सिर्फ देश के राजनेता, अधिकारी और कर्मचारी व्यापक पैमाने पर कागजी घोटाला करके लाखों करोड़ो रूपये अर्जित करते हैं और वास्तविकता यह है कि ना जमीन में कोई काम होता है और न ही गरीबों को कोई मदद मिलती है।
कामरेड सुन्दर सिंह बाघेल ने कहा है कि यदि शिवराज सिंह सरकार में जरा भी नैतिकता है तो गरीबों को, किसानों को, व्यापारियों को और श्रमवीरों (मजदूरों) को सहायता दिलाने के लिए राष्ट्रीय राजनैतिक दलों की एक संयुक्त कमेटी बनाकर और लोगो को लाभ पहुंचाने का प्रयास करें वरना देश एवं प्रदेश में जिस प्रकार विधायक, सांसद अपने आप को गिरवी और बिक्री कर रहे हैं, उसी प्रकार से प्रधानमंत्री का 20 लाख करोड़ रूपये भी बिक जायेगा और जमीनी हकीकत शून्य रह जायेगी।
News TOP Footer