लचर व्यवस्था के चलते फल व्यापारियों को हो रही आर्थिक छति

सीधी
जिला प्रशासन द्वारा सब्जी के थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के लिये उचित व्यवस्था करते हुए शोसल डिस्टेंस बनवाने में काफी हद तक सफल प्रतीत हो रहा है वहीं फल के जिले के कुल 7 थोक विक्रेताओं को प्रतिदिन काफी नुकशान उठाना पड़ रहा है जिसके चलते थोक बाजार में फलों के दाम दिनों दिन महॅगे होते जा रहे हैं।
आलम ये हो चला है कि थोक विक्रेता अपने व्यापार को गति देने में धीरे धीरे कदम पीछे खींचते हुए दिख रहे हैं। बताया गया कि जिले में हो रही फलों की सप्लाई में कुल 7 थोक व्यापारियों का अहम योगदान है, इनके द्वारा फलों की गुणवत्ता बनाये रखने के लिये शीत गृह का निर्माण कराया गया है जहॉ से फुटकर विक्रेता सुविधानुसार क्रय कर घरों तक पहुॅचाने का कार्य करते हैं।
इन व्यापारियों के सामनें सबसे बड़ी समस्या तब उत्पन्न हुई जब प्रशासन द्वारा थोक विक्रेताओं को निर्देशित कर बाध्य किया गया कि ये केवल संजय गॉधी कालेज ग्राउन्ड में फलों की विक्री कर सकते हैं।
वहीं थोक विक्रेताओं की मानें तो शीत गृह से फलों को निकालते ही फलों की गुणवत्ता कम होने लगती है खासकर कि सेब, संतरा, अंगूर जैसे ही धूप में रखे जाते हैं तो गुणवत्ता में कमी आने लगती है। वहीं अगर कालेज ग्राउंड में संपूर्ण फलों की बिक्री नहीं हुई और उन्हे पुन: शीत गृह में रखा जाये तो फलों का मूल स्वरूप ही नष्ट हो जाता है। थोक फल व्यापारियों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि निमय एवं शर्तों के साथ उचित मार्ग प्रशस्त किया जाये जिससे प्रतिदिन हो रहे राजस्व हानि से बचा जा सके।
Ntv India News की रिपोर्ट ।
