अन्य जिले एवं अन्य राज्य में फंसे हुए श्रमिकों घर वापस लाया जाएगे-


कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रवीन्द्र कुमार चौधरी ने शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के अन्य जिलों तथा प्रदेश के बाहर फँसे श्रमिकों के वापस आने की सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री चौधरी ने बताया कि राज्य शासन द्वारा श्रमिकों को जिले में वापस लाने की तीन व्यवस्थाएँ बनायी गयी हैं।बैठक में जो बिंदुवार जानकारी दी गई है उसके अनुसार प्रदेश के भीतर के जिलों में प्रदेश के ही अन्य जिलों के श्रमिक जो लाक डाउन के कारण रोके गए हैं उनको उनके गृह जिलों में भेजे जाने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित कलेक्टर परिवहन विभाग के माध्यम से बस हायर कर श्रमिकों को उनके गृह जिलों में भिजवाएँगे। बस में प्रत्येक सीट पर एक व्यक्ति ही बैठेगा। प्रत्येक बस में सेनेटाईजेशन एवं हैण्डवास की व्यवस्था रखी जाएगी।प्रत्येक श्रमिक का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और यदि उसे सिम्टोमेटिक पाया जाता है तो उसे उसी जिले में क्वारेंटाईन किया जाएगा एवं अन्य लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण पश्चात् रवाना किया जाएगा। गंतव्य वाले जिले में पुनः श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात् सिम्टोमेटिक नहीं पाए जाने पर उन्हें उनके ग्राम को स्थानीय परिवहन की व्यवस्था कर रवाना किया जाएगा। बैठक में बताया गया की मध्यप्रदेश के या मध्यप्रदेश के बाहर फँसे लोगों के आवागमन हेतु ई.पास की सुविधा के निर्देश प्राप्त हुए है प्रदेश के बहुत से लोग अन्य प्रदेशों में एवं अन्य प्रदेशों के लोग मध्यप्रदेश में लाक डाउन के कारण फँसे हुए हैं तथा वे अपने साधनों से या साधन की व्यवस्था कर प्रदेश में या प्रदेश के बाहर स्थित अपने घरों में आने को तैयार हैं इस हेतु ई.पास संबंधित जिलों के द्वारा जारी किया जा सकेगा।वे लोग जो जिलों में लाक डाउन के कारण रुके हुए हैं तथा अपने संसाधनों से वापस जाना चाहते हैं वे अपना आवेदन कर सकेंगे तथा ई.पास संबंधित जिलों द्वारा जारी किया जाए। प्रदेश के बाहर रुके लोग अपने संसाधन से अगर प्रदेश में आना चाहते हैं तो वे भी उक्त पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकेंगे तथा वे जिस जिले में वापस आ रहे हैंए उस जिले के अधिकारी द्वारा ई.पास जारी किया जा सकेगा। ये सुविधाएँ इंदौर भोपाल एवं उज्जैन जिलों पर लागू नहीं होगी। इसके अलावा जिलों के कंटेनमेंट क्षेत्रों से भी आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। प्रदेश में आने वाले व्यक्तियों का रिकार्ड रखा जावेगा तथा आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएगा तथा उन्हें 14 दिवस तक होम क्वारेंटाईन किया जाएगा।बैठक में बताया गया की प्रदेश के फँसे मज़दूरों को अन्य प्रदेश से लाने की व्यवस्था की जा रही है प्रदेश के बाहर अन्य प्रदेशों में लाक डाउन के कारण फँसे श्रमिकों को अपने गंतव्य तक पहुँचाने के लिए व्यवस्था की जाएगी। ऐसे निवासी राज्य नियंत्रण कक्ष के फ़ोन नंबर 0755.241180 पर सूचना दे सकेंगे। गुजरात राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश द्वारा वहाँ की बसों से मज़दूरों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे समस्त नागरिक जो अन्य प्रदेशों से मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश करेंगे। उनकी मध्यप्रदेश की सीमा पर संबंधित जिले के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण विश्राम व भोजन की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य परीक्षण में अस्वस्थ पाए गए श्रमिकों को क्वारेंटाईन की व्यवस्था वहीं पर सुनिश्चित की जावेगी।स्वस्थ पाए गए श्रमिकों को इंट्री प्वाईंट से उनके गंतव्य जिले तक पहुँचने की व्यवस्था बसों द्वारा की जाएगी। गंतव्य जिलों पर पहुँचने पर ऐसे नागरिकों का पुनः स्वास्थ्य परीक्षण किया जावेगा और स्वास्थ्य परीक्षण में अस्वस्थ पाए गए नागरिकों के अलावा शेष को अपने निवास स्थल को भेजा जाएगा। शेष व्यक्तियों को अस्वस्थ पाए जाने पर जिले के अंदर क्वारेंटाईन किया जावेगा। कलेक्टर श्री चौधरी ने सभी संबंधित अधिकारियों को उक्त निर्देशों का पालन सुनिश्चित करते हुए सभी व्यवस्थाएँ करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में पुलिस अधीक्षक आर एस बेलवंशी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ए बी सिंह अपर कलेक्टर डी पी वर्मन सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
