पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की प्रदेश की जनता से, लॉकडाउन पालन करनें की अपील। सीएम शिवराज सिंह को भी आड़े हाथों लिया।


भोपाल: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। मध्यप्रदेश में इंदौर के बाद अब राजधानी भोपाल में भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
प्रदेश में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 268 हो गई है। अगर बात राजधानी भोपाल की करें तो यहां भी अब कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है, भोपाल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 73 तक पहुंच गया है। इंदौर में अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 151 हो गयी है। अब तक प्रदेशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित होकर जान गवाने वालों की संख्या 18 हो गई है। जिसे देखते हुये मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें, प्रदेश की जनता से लॉकडाउन के निर्देशों का पालन करनें की अपील की हैं। साथ ही उन्होनें सीएम शिवराज सिंह चौहान को भी आड़े हाथों लिया है।


पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें अपनें पत्र के माध्यम से कहा- नॉवेल कोरोना वायरस से पूरा विश्व जूझ रहा है। हमारा विंध्य सहित मध्यप्रदेश इसके दुष्प्रभावों से ग्रसित हो रहा है। इस वायरस का प्रभाव हम समाप्त कर सकतें हैं अगर:-
- हम घर से बाहर ना निकले।
- सोशल डिस्टेंसिंग (निर्धारित दूरी) बनाकर रखें।
- निरंतर उन प्रोटोकॉल का पालन करें जो गाईड लाईन इससे वचाव के लिये बनाई गई है।
- बुजुर्गों और बच्चों का ध्यान रखें। सभी लोग अपने-अपने धर्मग्रंथों का पाठ करें और वे सभी उपाय करें जिनसे कोरोना को हरानें का हौसला बढ़े।
अजय सिंह आगे अपनें पत्र में लिखते हुआ कहा- लपारवाही बिलकुल ना करें। सावधानी, सजगता, सतर्कता और समझदारी ही कोरोना से बचनें का प्रभावी उपाय है। आप जब बीमार होते हैं तो मन ना चाहते हुये भी कड़वी दवाई पीतें हैं, घर पर रहतें हैं। बस यही समझिये की आपको कोरोना वायरस से मुक्त होनें की कड़वी दवाई यही है की आप उन सभी नियमों का पालन करें जो इस संक्रमण को रोकनें के लिये बतायें गयें हैं।
अजय सिंह नें कहा- हमारा मध्यप्रदेश शायद इतनी गंभीर स्थिति में ना होता अगर भाजपा केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश के भाजपा नेताओं में सत्ता की हवस ना होती। इसके कारण पूरा मार्च का महीना बीमारी के प्रयासों से वंचित रहा। आज मुख्यमंत्री रोज रोज टीवी आदि पर इस प्रदेश की जनता के बड़े हितैषी दिखनें का प्रयास कर रहें हैं। उस समय उनकी यह चिंता कहां गई थी जब वे दिल्ली, मानेसर और बेंगलूरु में चुनी हुई सरकार को गिरानें का जी तोड़ प्रयास कर रहे थे। पानी की तरह नोट बहाकर विधायकों की खरीद फरोख्त कर रहे थे। यह सब ढोंग है, इनकी वास्तविकता को समझिये। प्रधानमंत्री को भी तब ही कोरोना की गंभीरता समझ आई जब यह सुनिश्चित हो गया की मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिर गई।
आगे उन्होनें प्रदेश की जनता से फिर अपील करते हुये कहा- मेरा आपसे आग्रह है की इस बीमारी से लड़नें का हमारे पास एक ही मार्ग है की हम लॉकडाउन के नियमों का पालन करें और अपना परिवार, पड़ोस, मुहल्ला, गांव, कस्बा, शहर और जिले, विंध्य और पूरे प्रदेश को सुरक्षित बनानें में सहयोग करें।
सावधानी, सजगता, सतर्कता और समझदारी ही नोवेल कोरोना वायरस का सबसे प्रभावी उपाय है | आप जब बीमार होते हैं तो मन न चाहते हुए भी कड़वी दवाई पीते हैं | घर पर रहते हैं | बस यही समझिये कि आपको कोरोना वायरस से मुक्त होने की कड़वी दवाई यही है कि संक्रमण रोकने के सभी नियमों का पालन करें । pic.twitter.com/InOMlk5YbX
— Ajay Singh (@ASinghINC) April 7, 2020
