लॉकडाउन के मद्देनजर, इंदौर में दूध की सप्लाई को भी बंद करने का निर्णय बेहद आपत्तिजनक: पूर्व सीएम कमलनाथ।


इंदौर: मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लागातार इजाफा हो रहा है, अब यह संख्या 47 हो गई है। सबसे जादा मरीज इंदौर से है, जिसे देखते हुए इंदौर अब अगले तीन दिन पूरा लॉकडाउन रहेगा। रविवार शाम कमिश्नर आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया। इसके तहत शहर में 1 अप्रैल तक किराना, सब्जी, दूध समेत अन्य किसी सामान की बिक्री नहीं होगी। न होम डिलेवरी की जाएगी।
कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि जो भी व्यक्ति इस लॉकडाउन का उल्लंघन करेगा, उस पर कानूनी कार्रवाई होगी।केवल सात पेट्रोल पंप खुलेंगे। वह भी अनिवार्य सेवा वाले वाहनों को ही ईंधन मुहैया करवाएंगे।

इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का बड़ा बयान सामने आया है।नाथ का कहना है कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन हो, लेकिन इंदौर में जिस प्रकार से दूध की सप्लाई को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है वो बेहद ही आपत्तिजनक है।
कमलनाथ ट्वीट कर लिखा है कि शिवराज जी,प्रदेश में कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन का सख़्ती से पालन हो,इसमें किसी को गुरेज़ नहीं है लेकिन इंदौर में जिस प्रकार से दूध की सप्लाई को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है वो बेहद ही आपत्तिजनक है।दूध-दवाई आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आती है।
वही अगले ट्वीट में लिखा है कि देश भर में आवश्यक वस्तुओं पर कोई रोक नहीं है।इस निर्णय से उन बच्चों , बुजुर्गों , मरीज़ों का क्या होगा जो दूध पर ही आश्रित है ?उन पशु पालकों के बारे में भी सोचे , जो पूर्व से ही दोहरी मार झेल रहे है। जनहित में इस निर्णय को तत्काल बदला जावे।
देश भर में आवश्यक वस्तुओं पर कोई रोक नहीं है।इस निर्णय से उन बच्चों , बुजुर्गों , मरीज़ों का क्या होगा जो दूध पर ही आश्रित है ?
उन पशु पालकों के बारे में भी सोचे , जो पूर्व से ही दोहरी मार झेल रहे है।
जनहित में इस निर्णय को तत्काल बदला जावे।
2/2— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath) March 29, 2020
