जिले के पटेरा खुर्द में हुई अंधी हत्या का कोतवाली पुलिस ने किया खुलासा जादू टोने के शक में दो आरोपियों ने की थी बुजुर्ग की हत्या

सीधी : धर्मेन्द्र : दुनिया 21वीं सदी में पहुंच गई और हमारा देश भारत डिजिटल इंडिया बन गया है बावजूद इसके भारत के मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिले सीधी में आज भी इतनी अशिक्षा और अज्ञानता है कि लोग जादू टोने के शक में इंसानों की हत्या जैसी घटना को अंजाम दे देते हैं । विगत 26 जुलाई को सीधी जिले के थाना कोतवाली अंतर्गत पटेहरा खुर्द गांव में जादू टोनेेेे के शक में गांव के ही अज्ञात लोगों ने एक 67 साल के बुजुर्ग की हत्या कर दी । हत्या के बाद गांव मेंं सनसनी फैल गई । गांव के लोगों ने जिला कोतवाली पहुंचकर इस हत्या की सूचना दी जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने हत्या की तफ्तीश और जांच शुरू कर दी जिसमें प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि मृतक रघुपति कोल पिता सरिमन कोल की हत्या गला दबाकर की गई और यह बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सच साबित हुई जिसके बाद पुुलिस ने अंधी हत्या को सुलझाने के लिए मुुुुखबिर का सहारा लिया जिसमे यह बात निकलकर सामने आई कि पिछले वर्ष मृतक के छोटे भाई छोटे कोल की लड़की की मौत हो गई थी वही मृतक के पडोसी सुन्दर जयसवाल की 7 वर्ष की बेटी की भी 20 दिन पहले मौत हुई थी जिस पर सुंदर का बड़ा भाई मृतक पर जादू टोना करने का आरोप लगाता था । इसी अंधविश्वास के चलते आरोपी पिंटू उर्फ शिव प्रकाश जयसवाल पिता जयकरण जयसवाल उम्र 28 साल ग्राम पटेरा खुर्द थाना कोतवाली सीधी एवं किशन उर्फ कृष्ण कुमार कोटवार पिता बंस बहादुर कोटवार उम्र 21 वर्ष निवासी पटेहरा खुर्द ने रघुपति कोल की हत्या कर दी। जांच मे सारी सच्चाई सामने आने के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया जिसके बाद अंधी हत्या के खुलासे के लिए नगर निरीक्षक आदित्य सिंह ने जिला कोतवाली में पत्रकार वार्ता बुलाकर अंधी हत्या का खुलासा किया और पत्रकारों को बताया कि मृतक अपने खेत की मड़ई में रहता था जहां आरोपियों ने पहुंचकर तौलिया से मृतक का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। नगर निरीक्षक आदित्य प्रताप सिंह एंन टीवी इंडिया न्यूज़ को बताया कि मामले का खुलासा होने के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध धारा 302,201,34 भ.द .वि. के तहत मामल दर्ज किया हैं और अपराध सिद्ध पाए जाने पर उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है । सीधी जिले के आदिवासी बहुल गांवों में आज भी अशिक्षा की वजह से अंधविश्वास हावी है जिसकी वजह से लोग जादू टोने, और झाड़-फूंक को प्राथमिकता देते इसी अशिक्षा की वजह से इलाज के अभाव में तो मौतें होती ही है ।अंधविश्वास के चलते लोग हत्या करने मेंं भी नहीं हिचकते । यदि शासन प्रशासन सीधी जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में जागरूकता शिविर नहीं लगाता और उन्हें जागरुक नहीं करता तो परंपरा का रूप ले चुके इस अंधविश्वास की वजह से अभी और ना जाने कितने लोगों की जान जाएगी । एंन टीवी इंडिया न्यूज़ के लिए धर्मेद्र की रिपोर्ट ।
