भारत की जीडीपी ग्रोथ में गिरावट आई देश में बेरोजगारी 45 साल में सबसे ज्यादा

नई दिल्ली. बीते वित्त वर्ष (2018-19) की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में जीडीपी ग्रोथ रेट 5.8% रही। एग्रीकल्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के खराब प्रदर्शन की वजह से विकास दर में गिरावट आई है। सांख्यिकी विभाग ने शुक्रवार को विकास दर के आंकड़े जारी किए हैं। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में विकास दर 6.6% थी। भारत की तिमाही जीडीपी ग्रोथ अब दुनिया में सबसे तेज नहीं रही क्योंकि जनवरी-मार्च तिमाही में चीन की ग्रोथ 6.4% रही थी। तिमाही ग्रोथ में कमी का असर पूरे वित्त वर्ष की विकास दर पर पड़ा है। यह 6.8% रही है जो 5 साल में सबसे कम है। इससे पहले 2013-14 में विकास दर 6.4% दर्ज की गई थी। इसी तरह मोदी सरकार ने बेरोजगारी पर आधिकारिक आंकड़े आखिरकार शुक्रवार को जारी कर दिए। श्रम मंत्रालय ने मंत्रिमंडल गठन के दूसरे ही दिन यह आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक, देश में 2017-18 में बेरोजगारी दर 6.1% रही। यह 45 साल में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 1972-73 में बेरोजगारी दर का यही आंकड़ा था। 6.1% का आंकड़ा नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) की जनवरी में लीक हुई रिपोर्ट में भी बताया गया था। लेकिन तब नीति आयोग ने रिपोर्ट खारिज करते हुए कहा था कि यह फाइनल डेटा नहीं, बल्कि ड्राफ्ट रिपोर्ट है और सरकार ने नौकरियों पर कोई डेटा जारी नहीं किया है।मोदी सरकार ने बेरोजगारी पर आधिकारिक आंकड़े आखिरकार शुक्रवार को जारी कर दिए। श्रम मंत्रालय ने मंत्रिमंडल गठन के दूसरे ही दिन यह आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक, देश में 2017-18 में बेरोजगारी दर 6.1% रही। यह 45 साल में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 1972-73 में बेरोजगारी दर का यही आंकड़ा था। 6.1% का आंकड़ा नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) की जनवरी में लीक हुई रिपोर्ट में भी बताया गया था। लेकिन तब नीति आयोग ने रिपोर्ट खारिज करते हुए कहा था कि यह फाइनल डेटा नहीं, बल्कि ड्राफ्ट रिपोर्ट है और सरकार ने नौकरियों पर कोई डेटा जारी नहीं किया है।
