जानकारी और जागरूकता से ही कम होंगे बाल अपराध कहा प्रधान जिला न्यायाधीश ने

सीधी धर्मेंद : जानकारी और जागरूकता से बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों को रोका जा सकता है। बालिकाओं को उनके प्रति होने वाले यौन अपराध के संबंध में समझ हो तो वह स्वयं ही अपराध का प्रतिरोध कर सकेंगी। इसके लिए जिले के गांव-गांव में शिविर का आयोजन किया जावे और बाल अपराध के संबंध में बच्चों की समझ विकसित की जावे। शिविर में शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग का सहयोग लिया जावे। ताकि बच्चों को यह भी समझाया जा सके कि यौन अपराध से उनके शरीर एवं मन पर किस प्रकार विपरीत प्रभाव पड़ता है। उक्त बात प्रधान जिला न्यायाधीश अमिताभ मिश्र ने किशोर न्याय बोर्ड के नवीन भवन में स्थानांतरण के मौके पर कही। उन्होंने कहा कि शिविर जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा आयोजित किये जावे। श्री मिश्र ने नवीन भवन किशोर न्याय बोर्ड का अवलोकन करते हुए कहा कि बोर्ड कक्ष में बालकों से जुड़ी पेंटिंग बनाई जावे। परामर्श कक्ष में बालकों की रूचिकर पुस्तकें रखी जावें। ताकि बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने वाले बालकों को यह अहसास न हो कि वह न्यायालय में आए हैं। बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने वाले सभी बालकों को निःशुल्क अधिवक्ता एवं परामर्श की अधिक से अधिक सुविधा प्रदान की जावे। उल्लेखनीय है कि अब नवीन भवन में किशोर न्याय बोर्ड पूर्व की भांति सप्ताह के प्रत्येक कार्य दिवस को कार्यालय जिला खनिज अधिकारी के सामने अर्जुन नगर सीधी में संचालित होगा। इस मौके पर जिला न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पुष्पक पाठक, जिलार जिस्ट्रार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी लवकेश सिंह, प्रधान मजिस्टेट किशोर न्याय बोर्ड सीधी राहुल सिंह यादव, न्यायिक मजिस्टेट प्रथम श्रेणी प्रदीप कुमार परिहार, न्यायिक मजिस्टेट विशद गुप्ता एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी आरसी त्रिपाठी, सहायक संचालक राजेंद्र त्रिपाठी, परिवीक्षा अधिकारी अनुराग पांडे उपस्थित रहे।
