रेलवे भू-अधिग्रहण के नाम पर प्रशासनिक लचर व्यवस्था उजागर

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मुआवजा मिला किसी और को अधिग्रहण हो रही किसी और भू-स्वामी की जमीन

【आर.बी. सिंह राज】
सीधी
जिला प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते रीवा सीधी रेलवे लाइन में भू-अधिग्रहण के खेल में विसंगतियों का मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा है।
तत्कालीन जिला प्रशासन के आला अधिकारियों एवं रेलवे मण्डल के आला अधिकारियों के बीच न बनने वाले तालमेल का खामियाजा भू-स्वामियों को आज तक भूगतना पड़ रहा है। त्रुटिपूर्ण हुए जमीनी सर्वे, बेदखली का आदेश एवं
मुआवजा के नाम पर हुए खेल में कई विसंगतियॉ आये दिन देखने को मिलती हैं।
ऐसा ही एक प्रकरण शुक्रवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में देखने को मिला जहॉ आवेदक महेश प्रताप सिंह पिता केशव प्रताप सिंह ग्राम जमोड़ी कला
द्वारा आवेदन देकर ललितपुर सिंगरौली प्रस्तावित रेल लाईन के विसंगतियों को दर्शाते हुए जिला दण्डाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई गयी। साथ ही
बताया गया कि रेल विभाग के द्वारा भूमि अधिग्रहण और मुआवजा किसी और का है
और अंतिम चरण में नियम विरूद्ध ढंग से मनमानी रूप से किसी और भूमि पर आधिपत्य जमाया जा रहा है। रेलवे विभाग से संबधित व्यक्तियों की मानें तो
वो जीपीएस प्रणाली पर कार्य कर रहे है ऐसे में स्पष्ट होता है कि तत्कालीन जिला प्रशासक एवं अमले द्वारा गलत ढंग से चहेतों को लाभ दिलाने का
प्रयास किया गया है।
क्या है पूरा मामला
आवेदक महेश प्रताप सिंह जमोड़ी कला की मानें तो राजस्व अमले द्वारा नियम विरूद्ध ढंग से अपने चहेतों को लाभ दिलाने की
मंशा के साथ पूर्व में त्रुटिपूर्ण कार्य को अमलीजामा पहनाया गया है।
बात अगर ग्राम जमोड़ी की करें तो दर्जनों ऐसे प्रकरण हैं जहॉ नियम विरूद्ध कार्य को अंजाम दिया गया है जिसके बदौलत लॉक डाउन अवधि में घर से
बेघर होने की नौबत आ खड़ी हुई है।
श्री सिंह के द्वारा लिखित पत्र में बताया गया कि रेल लाईन हेतु अर्जित भूमि खसरा क्रमांक 42/2/1, 0.120 रकवा
हे., भूमि स्वामी महेश प्रताप सिंह की रेल विभाग द्वारा वास्तविक
प्रभावित रकवा 0.300 बतायी जा रही है। दूसरे प्रकरण में 69 खसरा क्रमांक, 0.020 रकवा हे., भूमि स्वामी महेश प्रताप सिंह की रेल विभाग द्वारा वास्तविक प्रभावित रकवा 0.025 बतायी जा रही है। तीसरे प्रकरण में 71/मि-1खसरा क्रमांक, 0.140 रकवा हे., भूमि स्वामी महेश प्रताप सिंह की रेल विभाग द्वारा वास्तविक प्रभावित रकवा 0.220 बतायी जा रही है। वहीं चौथे प्रकरण में 43 खसरा क्रमांक, 0.20 रकवा हे., भूमि स्वामी सुरेन्द्र.प्रताप सिंह की रेल विभाग द्वारा वास्तविक प्रभावित रकवा 0.180 बतायी जा
रही है। कुल मिला कर अर्जित रकवा 0.300 है जबकि 0.725 भूमि रेल विभाग द्वारा प्रस्तावित है।
मुआवजा मिला दक्षिण का अधिग्रहित हो रही उत्तर दिशा की जमीन
पीडि़त महेश प्रताप सिंह द्वारा बताया गया कि 19 मार्च को एसडीएम गोपद बनास कार्यालय को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई गयी थी साथ ही अवगत
कराया गया था कि राजस्व अमले व रेवले विभाग द्वारा विसंगति पूर्ण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। रिकार्ड के अनुसार जमोड़ी में दक्षिण दिशा की जमीन अधिग्रहित कर मुआवजा वितरण कार्य किया गया और रेलवे द्वारा दादागीरी
पूर्ण ढंग से उस जमीन को छोड़कर उत्तर दिशा में स्थित मकान, ट्यूबवेल, बॉस की खेती सहित अन्य क्षेत्र प्रभावित किया जा रहा है जो कि न्याय संगत
नहीं है।
इनका कहना है
पूर्व समय में त्रुटि पूर्ण जमीनी अधिग्रहण का मामला है, जिसमें भूस्वामियों को न्याय दिलाने हेतु अब अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नियमानुसार दिया जायेगा।
दीप चंद शाहू
पटवारी, जमोड़ी खुर्द
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