देशभर में लगे लॉक डाउन के दौरान केंद्र सरकार मकान मालिकों से किराया माफ करने का अपील कर रही है लेकिन दमन में रहने वाले सीधी जिले के मझौली निवासी बाबूलाल मिश्रा उम्र 26 वर्ष के घर के मकान मालिक ने सिर्फ इसलिए मारपीट की क्योंकि पीड़ित युवक के पास देने के लिए घर का किराया नहीं था।
महामारी के डर से मजदूरों का पलायन तो सभी ने देखा होगा मगर मजदूरों की मजबूरी किसी को नहीं दिखी। रोजी रोटी की तलाश में दमन गए श्रमिक की वर्तमान हालत का अंदाजा महज इसी बात से लगाया जा सकता है कि मकान का किराया ना होने के कारण उसे अपना हाथ तुड़वाना पड़ा।
दमन से चुरहट पहुंचे मझौली निवासी बाबूलाल मिश्रा ने ‘स्टार समाचार’ से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि लाक डाउन के कारण जेब में पैसा ना होना महंगा पड़ गया, जिसका खामियाजा अपना एक हाथ तुड़वाकर चुकाना पड़ा। उन्होंने बताया कि वो अपने रोजगार के लिए दमन गए हुए थे जहां लॉक डाउन होने के कारण उनके पास पैसे खत्म हो गए थे और उन्हें अपने मकान मालिक को 2 माह का किराया देना था और पैसे ना हो पाने के कारण वो उसे नहीं चुका पाए जिस पर मकान मालिक द्वारा मारपीट कर उनका हाथ जोड़ दिया गया। दमन से सीधी की यात्रा का बयान करते हुए युवक ने बताया कि पहले पैदल, फिर ट्रेन, फिर ट्रक व बस का सफर तय करके भूखा प्यासा सीधी जिले के चुरहट पहुंचा हूं।