लॉक डाउन अवधि में 100 डायल की मदत से बीमार तक पहुॅची दवाएं, मुहिम के द्वारा रीवा, सीधी के बाद अब सिंगरौली में लाभंवित हो रहे पीडि़त


सीधी
लॉक डाउन अवधि के दौरान जहॉ पूरी दुनिया थमी सी प्रतीत हो रही है, आवागमन वाधित है, मुख्य मार्गो में सन्नाटा पसरा रहता है। इन हालातों में एक सबसे बड़ी समस्या जो उभर कर आयी वह यह कि जिले मे हजारों ऐसे पीडि़त मरीज हैं जिनकी दवा रीवा, भोपाल, जबलपुर, नागपुर सहित अन्य जिलों में चल रही है और लॉक डाउन के कारण पीडि़तो की दवाईयॉ खत्म होने के कारण मरीज व उनके परिजनों की पीड़ा और वेदना दिनों दिन बढ़ती ही जा रही थी।
इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए समाजसेवी द्वय संजीव मिश्रा एवं सिराजुल हक अंशारी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से मुहिम चालू की गयी जिसके तहत आमजनों से अपील की गयी कि अगर किसी भी जरूरतमंद की दवाई खत्म है तो वो त्वरित रूप से संबधित मोबाइल नम्बर पर संम्पर्क करें। देखते ही देखते ऐसे जरूरतमंदो की लम्बी लाइन लग गयी जिनकी पूरे मां भर चलने वाली दवा खत्म है और समय से दवा न मिलने के कारण अन्य कई प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक बीमारियॉ बढ़ रही हैं। दृण इच्छा शक्ति के बदौलत रीवा से दवा लाकर सीधी में निवास कर रहे मरीजों के घरों तक दवा वितरण का कार्य प्रारंभ किया गया जो कि अनवरत चालू है। सबसे बड़ी समस्या तो तब आ गयी जब सीधी के साथ सिंगरौली जिले के मरीज भी इसी कड़ी में शामिल होने लगे।
100 डायल की मदत से बीमार तक पहुॅची दवा

इसी तारतम्य में एक फोन आगरा उत्तर प्रदेश से आया और बताया गया कि मैं लॉक डाउन में फॅसा हुआ हॅू और श्रीमती सकुंतला देवी जायसवाल सरई सिंगरौली
में निवासरत हैं जिनकी दवा 10 दिन पूर्व खत्म हो चुकी है और मानसिक बीमारी की दवा अगर त्वरित रूप से न मिली तो घर का पारिवारिक ताना बाना ध्वस्त होने की कगार पर है।
समाजसेवी संजीव मिश्रा ने बताया कि उक्त दवा वितरण की
मुहीम शुरू में केवल रीवा से सीधी के लिये प्रारंभ की गयी थी, किन्तु पीडि़त के परिवार जनों की व्यथा सुनकर जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो सीधी
पुलिस से संपर्क किया गया। जहॉ सीधी जिले के 100 डायल प्रभारी द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए मरीज की दवा पहले क्रम में सीधी से टिकरी थाना तक भिजवाई गयी उसके पश्चात सिंगरौली जिले के 100 डायल प्रभारी सत्येन्द्र पाठक से संपर्क कर उनके माध्यम से पीडि़ता के परिजनों तक दवा पहुॅचाई गयी। जहॉ पीडि़ता के परिजनों द्वारा 100 डायल परिवार एवं सीधी
पुलिस सहित मुहिम को गति देने वाले कलमकार संजीव मिश्रा एवं सिराजुल हक अंसारी के बेहतर कार्यों की ह्दय से प्रशंसा की गयी।
