! कमिश्नर डाॅ. भार्गव ने दस्तक अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के दिये निर्देश !

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सीधी : धर्मेंद : कमिश्नर रीवा संभाग डाॅ. अशोक कुमार भार्गव ने 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, कुपोषण नियंत्रण, टीकाकरण, टेकहोम राशन और बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिये घर-घर दस्तक देने के लिये संचालित होने वाले दस्तक अभियान की तैयारियों को समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। कमिश्नर डाॅ. भार्गव ने कड़े निर्देश दिये हैं कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। दस्तक अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करें। कोई भी बच्चा इस अभियान में छूटना नहीं चाहिये। कमिश्नर डाॅ. भार्गव ने कहा कि इस कार्य की सफलता के लिये सामुदायिक भागीदारी आवश्यक है। अभियान के विषय में व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुये लोगों को जागरुक किया जाये। सामुदायिक जागरूकता को बढ़ावा दें ताकि स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की सामुदायिक ग्राहिता में वृद्धि हो और समुदाय के सर्वाधिक संवेदनशील समूह तक इन सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित हो सके। कमिश्नर डाॅ. भार्गव ने इस अभियान में जनप्रतिनिधियो, सामाजिक संगठनों, गैर सरकारी संगठनों, स्व सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा का आयोजन कर दस्तक अभियान के विषय में जागरुक करने के निर्देश दिये हैं। जन जागरूकता से लोग स्वयं आगे आकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगें। कमिश्नर डाॅ. भार्गव ने महिला-बाल विकास, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सम्मिलित प्रयास से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये हैं। कमिश्नर ने कहा कि यह अभियान हमारे भविष्य को सुरक्षित करने के लिये मील का पत्थर साबित होगा। ये नन्हें बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, इन्हें समुचित पोषण मिले तथा बीमारियों एवं जन्मजात विकृतियों की शीघ्र पहचान होकर समय से इलाज उपलब्ध कराना हम सब की जिम्मेदारी है। स्वस्थ बच्चों से स्वस्थ समाज का निर्माण होगा जिससे देश का विकास होगा।
कलेक्टर अभिषेक सिंह ने समस्त उपखण्ड अधिकारियों को अपने उपखण्ड में अभियान को सरलतापूर्वक सम्पन्न कराने की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये हैं कि वे ग्रामवार कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करें। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देशित किया है कि दस्तक अभियान को ग्राम पंचायत वार संचालित किया जायेगा। एक ग्राम पंचायत के सभी बच्चों की जाँच के उपरांत अगले ग्राम पंचायत में घर-घर दस्तक दी जायेगी। कलेक्टर श्री सिंह ने प्रतिदिन अभियान के क्रियान्वयन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। श्री सिंह ने स्पष्ट किया है कि दस्तक अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। लापरवाही पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
बैठक में अपर कलेक्टर डी. पी. वर्मन, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डा. एस. के. सालम, उपसंचालक डा. एन. पी. पाठक, समस्त उपखण्ड अधिकारी सहित स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में दस्तक अभियान स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की समन्वितरण नीति है जिसका आयोजन 06 माह के अंतराल से बाल्यकालीन दस्तरोग एवं बाल्यकालीन निमोनिया बाहुल्य माहों में किया जाता है। वर्ष 2019-20 में दस्तक अभियान प्रथम चरण का आयोजन दिनांक 10 जून से 20 जुलाई 2019 के मध्य किया जाना है। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त दल ए.एन.एम. आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा 5 वर्ष से छोटे बच्चों वाले परिवारों में घर तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की दस्तक दकर बच्चों में पाई जाने वाली बीमारियों की सक्रिय पहचान एवं उचित प्रबंधन सुनिश्चित करेगा। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान द्वारा त्वरित प्रबंधन ताकि बाल मृत्युदर में वांछित कमी लाई जा सके।

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