देश भर में सड़क दुर्घटनाओं की जानकारी एकत्रित और विश्लेषित की जाएगी

सीधी धर्मेंद : सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार ने ‘‘एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस परियोजना (आईआरएडी)‘‘ को पूरे देश में लागू किया है। यह परियोजना आईटी आधारित प्रणाली पर प्रस्तावित है, जिसमें कॉन्फिगर किए गए मोबाइल ऐप और टैबलेट का उपयोग करके दुर्घटना स्पॉट से डेटा कैप्चर किया जाएगा। इस परियोजना के तहत विभिन्न उद्देश्यों को पूरा करने का लक्ष्य है। इस डेटा का विश्लेषण करके सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों की पहचान की जा सकेगी, जिससे उन्हें रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। सड़क के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए उपचारात्मक उपाय सुझाए जा सकेंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके। पुलिस, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य संबंधित विभागों के उपयोग के लिए दुर्घटनाओं के डेटा को व्यवस्थित और सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड किया जा सकेगा। इस परियोजना के अंतर्गत देश भर में सड़क दुर्घटनाओं की जानकारी एकत्रित और विश्लेषित की जाएगी, जिससे नीतियों और योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा में वृद्धि करेगी, बल्कि दुर्घटनाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को भी कम करने में सहायक होगी। पुलिस अधीक्षक डॉ रवींद्र वर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव एवं यातायात थाना प्रभारी की अध्यक्षता में एनआईसी कलेक्ट्रेट में आईआरएडी के नवीन मॉड्यूल को लागू करने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सत्र सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण सत्र के पहले दिन, 18 मई 2024 को, पुलिस उपखंड चुरहट के अंतर्गत थाना रामपुर नैकिन, चुरहट, कमर्जी तथा अमिलिया के थाना प्रभारी, चैकी पिपरांव, सेमरिया, एवं सिहावल के प्रभारी स्थित कुल 30 पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। दूसरे दिन, 19 मई 2024 को, पुलिस उपखंड सीधी और कुसमी अंतर्गत थाना कोतवाली सीधी, जमोड़ी, बहरी, मझौली, कुसमी एवं भुईमाड़ थानों के प्रभारी, उपनिरीक्षक, सहित आईआरएडी पोर्टल का उपयोग कर रहे विवेचना अधिकारी एवं सीसीटीएनएस ऑपरेटर आदि कुल 45 पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। आईआरएडी एप एवं पोर्टल पर कार्य करने का प्रशिक्षण एनआईसी जिला सूचना विज्ञान अधिकारी दशरथ प्रजापति के मार्गदर्शन में आईआरएडी प्रभारी जिला रोलआउट प्रबंधक आशुतोष सिंह ने दिया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईआरएडी पोर्टल के उपयोग में दक्ष बनाना था, जिससे वे आधुनिक तकनीक का उपयोग कर विवेचना कार्य को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बना सकें। समारोह में सभी उपस्थित अधिकारियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और इसे अपने दैनिक कार्यों में लागू करने का संकल्प लिया।
