कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने कृषि एवं संबंधित विभागों की समीक्षा की

सीधी धर्मेंद : कृषि एवं संबंधित विभागों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने कहा कि सीधी जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि आधारित गतिविधियों से जुड़ी है। जिले की उत्तरोत्तर प्रगति के लिए कृषि क्षेत्र में सतत विकास आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि इसके लिए आवश्यक है कि कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन तथा सहकारिता विभाग एक टीम के रूप में समन्वित प्रयास करें। जिले के कृषक भाइयों के साथ सतत संपर्क बनाकर रखें। विकास की कार्य योजना बनाते समय उन्नतशील कृषक भाइयों से संवाद अवश्य करें।कलेक्टर ने कहा कि गत दिवस रीवा में एपीसी की संभागीय बैठक का आयोजन कर खरीफ के तैयारियों के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई है। सीधी जिले में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में अपार संभावनाओं को देखते हुए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने उन सभी बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने किसानों तक शासन की योजनाओं का लाभ सहजता से पहुंचाने, उन्हे उन्नत तकनीकी की जानकारी देने तथा उसको सहजता से अपनाने की दिशा में कार्य करने को कहा है। कलेक्टर ने कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ाने में क्लस्टर एप्रोच अपनाने को कहा है। जिससे किसानों को उचित मार्गदर्शन तथा लाभ प्राप्त हो सकेगा। कलेक्टन ने पात्र किसानों के केसीसी बनाने तथा उन्हे बैंकिग सिस्टम से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सहकारी बैंक वसूली के प्रकरणों में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सर्वप्रथम बड़े बकायादारों की सूची बनाकर राजस्व अधिकारियों के समन्वय से कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राहुल धोटे, अपर कलेक्टर राजेश शाही, संयुक्त कलेक्टर नीलेश शर्मा, उपखण्ड अधिकारी कुसमी एसपी मिश्रा, गोपद बनास प्रिया पाठक, मझौली आरपी त्रिपाठी, चुरहट शैलेष द्विवेदी, उपसंचालक कृषि संजय श्रीवास्तव सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।
