रामकथा, रामभजन तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों आयोजन कराएं कहा एसीएस ने

सीधी धर्मेंद : अयोध्या में 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान के स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस कार्यक्रम के संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि भगवान राम सबके आदर्श हैं। भगवान राम के जीवन का धार्मिक ही नहीं सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से बहुत महत्व है। अयोध्या में 22 जनवरी को आयोजित होने वाले कार्यक्रम से अधिक से अधिक आमजनों को जोड़ने का प्रयास करें। इसके लिए 22 जनवरी तक लगातार कई कार्यक्रम आयोजित करें। सभी प्रमुख मंदिरों एवं अन्य धार्मिक स्थलों में 14 जनवरी से 22 जनवरी तक विशेष साफ-सफाई अभियान चलाएं। धार्मिक स्थलों को आकर्षक रूप से सजाएं। प्रमुख मंदिरों तथा सार्वजनिक भवनों में 21 जनवरी से 26 जनवरी तक रोशनी की व्यवस्था कराएं। मंदिरों तथा अन्य प्रमुख सावर्जनिक स्थलों पर रामकथा, रामभजन, रामधुन तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करें। रामचरित मानस के अखण्ड पाठ का भी आयोजन किया जा सकता है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर में भगवान के स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा होगी। यह सबके लिए गौरव और सम्मान का क्षण है। प्रत्येक नागरिक से इस दिन अपने घरों में दीपक जलाकर खुशी की अभिव्यक्ति करने का अनुरोध करें। सामाजिक संगठनों, धार्मिक संगठनों तथा आमजनता के सहयोग से प्रमुख धार्मिक स्थलों में 22 जनवरी को भण्डारे का भी आयोजन किया जा सकता है। कलेक्ट्रेट के एनआईसी केन्द्र से कलेक्टर साकेत मालवीय, सीईओ जिला पंचायत राहुल धोटे तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
