माँस एवं मछली की खुले में बिक्री पर रोक कलेक्टर ने विक्रेताओं को दी समझाइस

सीधी धर्मेंद : पूरे प्रदेश के साथ-साथ सीधी जिले में भी खुले में बिना अनुमति माँस तथा मछली के विक्रय पर प्रतिबंध के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में सभी नगरीय निकायों में मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के प्रावधानों के तहत विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव नगरीय विकास तथा आवास द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में दुकानों के संचालन, रेहड़ी लगाने तथा विभिन्न सामग्रियों के विक्रय की अनुमति नगरीय निकाय द्वारा दी जाती है। दी गई अनुमति में सामग्री के बिक्री के संबंध में शर्तों का स्पष्ट उल्लेख रहता है। नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत माँस एवं मछली के विक्रय के सभी प्रतिष्ठानों में अपारदर्शी काँच अथवा परदा लगाना अनिवार्य है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों में भी इसका स्पष्ट रूप से उल्लेख है। साथ ही किसी भी धार्मिक स्थल के मुख्य द्वार से सौ मीटर की दूरी में माँस, मछली अथवा इसी तरह की अन्य सामग्री का विक्रय तथा प्रदर्शन प्रतिबंधित है।कलेक्टर श्री साकेत मालवीय ने माँस एवं मछली के विक्रय के संबंध में राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई के पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सीधी शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों का निरीक्षण अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल के मुख्य द्वार से सौ मीटर की दूरी में माँस, मछली अथवा इसी तरह की अन्य सामग्री का विक्रय तथा प्रदर्शन प्रतिबंधित है। इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। कलेक्टर द्वारा माँस, मछली आदि का विक्रय करने वाले व्यवसायियों से चर्चा कर उन्हें निर्देशों के पालन की समझाइस दी गई। कलेक्टर ने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप दुकान में समुचित साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। भ्रमण के दौरान उपखण्ड मजिस्ट्रेट गोपद बनास श्री नीलेश शर्मा, सीएमओ नगर पालिका सीधी श्रीमती मिनी अग्रवाल सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
