सीधी जिले और शहर में हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया जन्माष्टमी का पर्व

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सीधी धर्मेंद : भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर देश भर में धूमधाम से जन्माष्टमी मनाई जाती है. मान्यता है कि जन्माष्टमी का व्रत रखने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और संतान सुख की प्राप्ति होती है. इस वर्ष सावन में अधिक मास के कारण जन्माष्टमी की तारीख को लेकर लोगों के बीच भम्र की स्थिति बन गई है. पंचाग के अनुसार भाद्रपद के कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था. धर्मशास्त्र के विद्वानों के अनुसार इस वर्ष भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 6 सितंबर को दोपहर से शुरु होकर 7 सितंबर शाम तक रहा तिथि के अनुसार सीधी जिले और शहर में भगवान श्री कृष्ण के भक्तों ने जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया लोगों ने अपने घरों में भगवान श्री कृष्ण की झांकी सजाई और उनकी विधि विधान से पूजा अर्चना की और उन्हें माखन और लड्डू का भोग चढ़ाया श्री कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर सीधी शहर के पूजा पार्क में स्थित गणेश भगवान के मंदिर में भगवान श्री कृष्ण की बाल रूप की स्थापित प्रतिमा के दर्शन करने लोग बड़ी संख्या में पहुंचे और उन्होंने उनकी पूजा अर्चना की। सीधी शहर के मानिकूट आश्रम गोपाल दास मंदिर में स्थापित भगवान श्री कृष्ण के मंदिर में आज जन्माष्टमी की धूम दिखाई दी मंदिर को लाइट डेकोरेशन से सजाया गया और भगवान की प्रतिमा की विशेष सजावट की गई भगवान श्री कृष्ण के दर्शनों और भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाने गोपाल दास मंदिर में भक्तों की बड़ी संख्या जमा हुई देर शाम से यहां महिला भक्तों ने पहुंचकर भजन कीर्तन और सहर का गायन किया देर रात भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मंदिर में धूमधाम से मनाया गया भगवान के जन्मोत्सव के बाद प्रसाद का वितरण किया गया।

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