राज्य सभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने की जल जीवन मिशन की समीक्षा

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सीधी धर्मेंद : 1 मई को राज्य सभा संासद अजय प्रताप सिंह द्वारा जिले में जल जीवन मिशन अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण क्षेत्र की जनता विशेषकर महिलाओं की समस्याओं को समझते हुए प्रत्येक घर में नल के माध्यम से शुद्ध पेय जल की उपलब्धता वर्ष 2024 के पूर्व सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह जनप्रतिनिधियों तथा विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि इस योजना का लाभ प्रधानमंत्री जी की मंशानुसार ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक परिवार को मिले। राज्य सभा सांसद ने कहा कि उन्होने 26 एवं 27 अप्रैल को विकासखण्ड सीधी और रामपुर नैकिन की 8 परियोजनाओं का अवलोकन किया है। इसमें कुछ सुधार किए जाने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि इस योजना से जुड़े सभी स्टेक होल्डर्स को समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता है। समय-सीमा तथा कार्य की गुणवत्ता को ध्यान में रखने की आवश्यकता है। सांसद ने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि गांव का कोई भी मजरा या टोला योजना के लाभ से वंचित नहीं रहे। उन्होने कहा कि योजना का संचालन ग्राम पंचायतों तथा स्वसहायता समूहों के माध्यम से किया जाना है। योजना का संचालन उन्हे देने के पूर्व उन्हे प्रशिक्षित किया जाए तथा आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। राज्य सभा सांसद ने गांवों में गठित जल एवं स्वच्छता समितियों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। उन्होने कहा कि समिति के सदस्यों को उनके कर्तव्यों तथा अधिकारों के प्रति जागरूक करें। उनके लिए नियमित अंतरात में कार्यशाला का आयोजन किया जाए। राज्यसभा सांसद ने गे्रवाटर मैनेजमेंट तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग का भी विशेष ध्यान रखने को कहा है। राज्य सभा सांसद ने प्रत्येक परियोजना के पास परियोजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने परियोजना के प्रावधानों के साथ-साथ गांव में किए गए कनेक्शनों का नक्शा भी प्रदर्शित करने के लिए कहा है। उन्होने कहा कि परियोजना हैण्डओवर के पूर्व उसका सोशल आॅडिट अवश्य करायें। कलेक्टर साकेत मालवीय ने ग्रीष्म ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए सभी बसाहटों तक पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के प्रगतिरत कार्यों की गति बढ़ाकर उन्हें शीघ्रपूर्ण करने, हैण्डपंपों के रखरखाव तथा आवश्यकतानुसार परिवहन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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