संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर व्याख्यान संगोष्ठी का हुआ आयोजन

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सीधी धर्मेंद :  12 दिसम्बर को उच्च शिक्षा मंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 का मूल उद्देश्य रोजगार परक शिक्षा है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले साथ ही उनके कौशल में बढ़ोत्तरी हो जिससे उनके रोजगार के बेहतर अवसर स्थापित कर सकें। उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. यादव संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय के अटल ऑडोटोरियम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2022 विषय पर व्याख्यान संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. यादव ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व को निखारने का साधन है। साथ ही यह हमारी गौरवशाली संस्कृति को संरक्षित रखने का कार्य करती है। इतिहास गवाह है कि आक्रांताओं द्वारा सर्वप्रथम शिक्षा से जुड़ी संस्थाओं को नष्ट करने के प्रयास होते रहे हैं। डाॅ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास को सुदृढ़ता के स्थापित करने के प्रयास किए हैं। हम अपनी जड़ों से जुड़े रहें यही नई शिक्षा नीति का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अधोसंरचना विकास की ओर अग्रसर है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिन्दी में प्रारंभ कर प्रदेश ने क्रांतिकारी कदम उठाया है। इससे हिन्दी भाषी बच्चों की उच्च शिक्षा की कठिनाइयां दूर होगी। उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. यादव ने विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम की मांग पर कुसमी एवं मझौली में परीक्षा केन्द्र बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ करने आश्वस्त किया है। साथ ही संजय गांधी महाविद्यालय परिसर को अतिक्रमण मुक्त करने, छात्रावास के व्यवस्थित संचालन तथा छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षा व्यावसायिक परीक्षाओं के लिए विशेष कक्षाओं के संचालन के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, कलेक्टर साकेत मालवीय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राहुल धोटे, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डाॅ. पंकज श्रीवास्तव, सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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