मेडिकल की पढ़ाई अंग्रेजी की वजाय हिंदी में किए जाने का गांधी चौराहे में मनाया गया जश्न

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सीधी धर्मेंद : भारत देश में अब तक मेडिकल की पढ़ाई छात्रों को इंग्लिश में करनी पड़ती थी अंग्रेजी भाषा को लोग अंग्रेजीयत का गुलाम मानते हैं हमारे देश में अंग्रेजी को लेकर छात्रों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था जिसको देखते हुए वर्तमान की केंद्र सरकार ने मेडिकल की पढ़ाई को अंग्रेजी से मुक्त करने का बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मेडिकल की पढ़ाई को अब अंग्रेजी के बजाय हिंदी में कर दिया है और इस ऐतिहासिक पल का पहला हकदार मध्य प्रदेश बना है देश में मध्य प्रदेश पहला राज्य है जहा अब मेडिकल की पढ़ाई अंग्रेजी की वजाय हिंदी में होगी 15 अक्टूबर को सीधी शहर के गांधी चौक में केंद्र सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का जश्न मनाने के लिए सीधी जिले के विधायक केदारनाथ शुक्ला सीधी जिले के कलेक्टर मुजीब उर रहमान खान पुलिस अधीक्षक मुकेश श्रीवास्तव सहित कई सैकड़ा जनता गांधी चौराहे में जुटी जहां पर सीधी विधायक जिले के कलेक्टर पुलिस अधीक्षक अपर कलेक्टर बी के पांडे एस डी एम नीलेश शर्मा नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा सहित अन्य कई अतिथियों ने गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और गांधी प्रतिमा के चारों तरफ रखे गए कई सैकड़ा दीप प्रज्वलित करके अपनी खुशी का इजहार किया। दीपक जलाने के बाद गांधी चौक में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला ने कहा कि हमारी सरकार का यह ऐतिहासिक फैसला है आज हम अंग्रेजीयत की एक और गुलामी से आजाद हो गए आज हमारे छात्र अपनी मातृभाषा में मेडिकल की पढ़ाई करेंगे। गांधी चौक में कार्यक्रम के बाद एन टीवी इंडिया न्यूज़ ने जिले के कलेक्टर से छात्रों की मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में किए जाने पर उनकी प्रतिक्रिया चाही तो उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले से क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और जिन छात्रों के पढ़ाई में अंग्रेजी आड़े आती थी अब उससे वह आजाद हो गए इसके साथ ही जिले के कलेक्टर ने नशा मुक्त और हेलमेट अभियान को लेकर भी जिले के नागरिकों को अपना संदेश दिया और कहा कि नशा नाश की जड़ है इसका त्याग करके एक मजबूत समाज खड़ा करें। पुलिस अधीक्षक ने भी नशा विरोधी अभियान के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता हमें अवैध नशा कारोबार और कारोबारियों की सूचना दें हम उसका खात्मा करेंगे इसके साथ ही सूचना देने वाले सभी नागरिकों का नाम गोपनीय रखा जाएगा साथियों ने पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

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