50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार हुए पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यपालन यंत्री डीके सिह

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सीधी धर्मेंद : विगत एक से डेढ़ महीने के दौरान सीधी जिले में तीन अलग-अलग भ्रष्टाचारी पकड़े गए और तीनों ही भ्रष्टाचारी शासकीय विभाग से ताल्लुक रखते हैं इनमें से चुरहट विधानसभा के अंतर्गत एक पटवारी फिर उसके बाद रामपुर नैकिन में एक डॉक्टर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया अभी इन दोनों भ्रष्टाचारियों का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि 27 सितंबर को आज एक बार फिर से लोकायुक्त पुलिस रीवा के हाथों सीधी जिला मुख्यालय में पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यपालन यंत्री डी के सिह रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़े गए! लोकायुक्त पुलिस रीवा ने उक्त कार्यवाही पीडब्ल्यूडी विभाग में ठेकेदारी का कार्य करने वाले हल्के सोनी की शिकायत पर की है लोकायुक्त ने छापे की कार्यवाही 3:00 बजे से शुरू की और कार्यालय में ही लोकायुक्त पुलिस की पूरी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्यपालन यंत्री को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया पीडब्ल्यूडी कार्यालय में रिश्वत लेते गिरफ्तार करने के बाद आगे की कागजी कार्यवाही के लिए लोकायुक्त पुलिस उन्हें शहर के उच्च विश्राम गृह में ले आई जहां पर लोकायुक्त की पूरी टीम ने पीड़ित और आरोपियों के बयान दर्ज किए। उच्च विश्राम गृह में लोकायुक्त की कार्यवाही के दौरान एन टीवी इंडिया न्यूज़ ने इस मामले के शिकायत करता फरियादी हल्के सोनी से मामले की जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि कार्यपालन यंत्री डीके सिंह उनके बकाया भुगतान राशि के लिए पैसे भी ले लेते थे और काम भी नहीं करते थे उन्होंने भुगतान के लिए हमें बहुत प्रताड़ित किया ! एन टीवी इंडिया न्यूज़ ने लोकायुक्त के टी आई जियाउलहक से छापे के बाद की जा रही कार्रवाई के संबंध में जानकारी चाही तो उन्होंने बताया की शिकायतकर्ता हल्के सोनी का 20 लाख रुपए का पेमेंट करने के एवज में कार्यपालन यंत्री डी के सिह उनसे 10 परसेंट यानी कि 2 लाख की मांग कर रहे थे शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद आज उन्हें उनके कार्यालय में 50 हजार की राशि की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है आगे टीआई जिया उल हक ने बताया कि कार्यपालन यंत्री डीके सिंह पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है ! सीधी जिले में विगत डेढ़ महीने के दौरान लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू की कार्यवाही के बाद पटवारी डॉक्टर और कार्यपालन यंत्री जैसे बड़े पद के अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए हैं जो इस बात को दर्शाता है कि कहीं न कहीं इस जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी है। लगातार हुई तीन बड़ी कार्यवाही के बाद अब उन पीड़ितों की शिकायतें लोकायुक्त और e.o.w. में जा सकती है जो अब तक धैर्य रखकर प्रताड़ना हो रहे हैं ऐसे में वह भ्रष्टाचारी जिन्होंने लोगों की फाइलें रोक रखी हैं भुगतान रोक रखे हैं जनता के अन्य जरूरी काम अनावश्यक रोक रखे हैं अब नहीं सुधरे तो निश्चित तौर पर वह भी लोकायुक्त या ईओडब्ल्यू के जाल में नजर आएंगे।

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