नगर पालिका के चुने हुए बीजेपी के पार्षदो ने समितियों को भंग करने कलेक्टर को ज्ञापन सौपा

सीधी धर्मेंद : नगर पालिका परिषद सीधी के निर्वाचन के बाद अध्यक्ष उपाध्यक्ष और परिषद ने अपना कामकाज संभाल लिया है लेकिन परिषद गठन के बाद से ही किसी न किसी मुद्दे को लेकर मतभेद और कमियां सामने आ जाती है जिससे चर्चाओं का बाजार गर्म हो जाता है 24 सितंबर को एक बार फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया जब भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष इंद्र शरण सिंह चौहान और नगर पालिका के चुने हुए बीजेपी के पार्षद जिले के कलेक्टर के पास ज्ञापन सौंपने पहुंच गए सौपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि नगर पालिका की समितियों के गठन में नगरपालिका विधि संहिता के नियमों के मापदंडों का पालन नहीं किया गया है और नगर पालिका सीधी में गठित की गई समितियों में पिछड़े वर्ग की घोर उपेक्षा करते हुए पिछड़े वर्ग के पार्षद को समिति का अध्यक्ष ही नहीं बनाया गया है जिले के कलेक्टर को अपना ज्ञापन सौंपने के बाद एन टीवी इंडिया न्यूज़ को जिले के भाजपा अध्यक्ष इंद्र शरण सिंह चौहान ने इस मामले की जानकारी दी और कहा कि नगर पालिका परिषद सीधी में पिछड़े वर्ग की घोर उपेक्षा की जा रही है। ज्ञापन सौंपने आई नगर पालिका की पार्षद श्रीमती पूनम अमित सोनी ने कहा कि पिछड़े वर्ग की उपेक्षा के मुद्दे को वो उठा रहे हैं आगे उन्होंने कहा कि समितियों को भंग करके फिर से नगरपालिका विधि संहिता के अनुसार गठन करना चाहिए जिससे सभी वर्गों को अधिकार मिल सके। नगर पालिका सीधी के बीजेपी पार्षदों द्वारा आज फिर से पिछड़े वर्ग के मुद्दे को उछाल कर समितियों को निरस्त करने की मांग की गई है अब गेंद शासन और प्रशासन के पाले में है देखना है कांग्रेस की अध्यक्ष उपाध्यक्ष और पार्षद इस समस्या से कैसे निपटते हैं।
