मृतक व्यक्ति की मौत की आर्थिक सहायता राशि मामले मे रिश्वत लेने वाला डाक्टर पकड़ा गया

सीधी धर्मेंद : इस संसार में इंसान को डॉक्टर भगवान के रूप में पूजते हैं लोगों का मानना है कि डॉक्टर इंसानों की जीवन की रक्षा करके भगवान के बाद भगवान का दूसरा अवतार माने जाते है लेकिन वर्तमान समय में कुछ डॉक्टर भगवान के इस ओहदे को कलंकित कर रहे हैं और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम कर रहे हैं ऐसा ही एक मामला सीधी जिले के रामपुर नैकिन ब्लॉक से सामने आया है जहां पर 14 सितंबर को ईओडब्ल्यू की टीम ने रामपुर नैकिन के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर प्रशांत तिवारी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया बताया गया कि प्रशांत कुमार तिवारी ने फरियादी राजेश यादव से उक्त रकम सुरेश यादव जिसकी मृत्यु दिनांक 18 – 8 2022 को पानी में डूबने से हुई थी की पीएम रिपोर्ट देने के लिए 50 हजार रुपए की मांग की थी उक्त रकम पानी में डूब कर मृत्यु होने वाले व्यक्ति के परिजनों को शासन द्वारा 4 लाख रुपए की मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि मे लगने वाली मृतक की पीएम रिपोर्ट को देने के बदले में मांगी थी जिसकी शिकायत फरियादी राजेश यादव ने ईओडब्लू में की गई थी जिसके बाद 14 सितंबर को रात 8:30 बजे ई ओ डब्लू की टीम ने अपना जाल बिछाया और फरियादी 20 हजार रुपए आरोपी डॉ प्रशांत त्रिवेदी को देने पहुंचा जिसके बाद डॉ प्रशांत तिवारी ने कहा कि रुपए प्रमोद कुशवाहा को दे दो जो डॉ प्रशांत तिवारी के घर पर भोजन बनाता है जैसे ही फरियादी राजेश यादव ने प्रमोद कुशवाहा को रुपए पकड़ाया वैसे ही ईओडब्ल्यू की टीम ने डॉ प्रशांत तिवारी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर रामपुर नैकिन एवं प्रमोद कुशवाहा को अपनी गिरफ्त में ले लिया और उसके बाद वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी छापे की कार्यवाही के दौरान रीवा की ओर डब्लू की टीम में निरीक्षक अरविंद दुबे निरीक्षक मोहित सक्सेना निरीक्षक प्रवीण चतुर्वेदी उपनिरीक्षक सीएल रावत उप निरीक्षक अशोक मिश्रा उपनिरीक्षक अभिषेक पांडे उपनिरीक्षक गरिमा त्रिपाठी सहित अन्य कई टीम के लोग शामिल थे इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है लोगों को कहना है के डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं लेकिन कुछ लोगों ने अपना जमीर बेच दिया है और पैसों के लालच में भगवान की जगह शैतान बन गए हैं ऐसे लोगों को ईश्वर भी कभी माफ नहीं करेगा जो किसी मृतक व्यक्ति की मौत के आर्थिक सहायता राशि मे भी रिश्वत खाता हो।
