अपने संतान की लंबी उम्र के लिए माताओँ ने रखा हलषष्ठी का व्रत

सीधी धर्मेंद : भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हलषष्ठी का व्रत रखा जाता है. 17 अगस्त को आज पुरे देश में हलषष्ठी का व्रत रखा जा रहा है. हल षष्ठी को हलछठ या ललही छठ के रूप में भी मनाया जाता है. हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार, हलषष्ठी का व्रत को महिलाएं अपने संतान की लंबी उम्र के लिए रखती हैं. पौराणिक मान्यता है कि इस दिन श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था. मान्यता यह भी है कि इस व्रत को विधि-विधान से करने पर संतान के जुड़ी समस्याएं दूर हो जाती हैं। 17 अगस्त को सीधी शहर में भी माताओं ने अपने पुत्र के लंबी उम्र की कामना को लेकर हर छठी का व्रत रखा और सिया माई की पूजा करके उन्हें दही और महुआ का प्रसाद चढ़ाया।
सीधी शहर के पुराना हनुमान मंदिर में सैकड़ों की संख्या में पहुंची महिलाओं ने विधि विधान पूर्वक हलषष्ठी व्रत की पूजा की और अपने पुत्र के लंबी उम्र की कामना की के व्रत के बाद महिलाएं अपना हलषष्ठी व्रत महुआ दही फसही के चावल और पोइ की भाजी खाकर अपना ब्रत पूरा किया।
