भाजपा सरकार ने षड्यंत्र रचकर खत्म कराया पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण कहा पूर्व मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने

सीधी धर्मेंद : मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी, भोपाल में संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के पूर्व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि ओबीसी की जनगणना संबंधी आंकड़े सुप्रीम कोर्ट की ओर से मांगे जाने के बावजूद 6 महीने तक मध्य प्रदेश की सरकार ने कोई पहल नहीं की। जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में माननीय न्यायालय ने कहा कि सरकार ने इस संबंध में कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं और न्यायालय अपना फैसला सुनाना चाहता है तब सरकार ने आनन-फानन में खानापूर्ति करने के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की एक साथ ही रिपोर्ट न्यायालय में पेश की। इस रिपोर्ट में ओबीसी की आबादी के वास्तविक आंकड़े पेश करने के बजाय सरकार ने मतदाता सूची के आंकड़े पेश किए। मध्य प्रदेश में ओबीसी की जनसंख्या 56 प्रतिशत के करीब है लेकिन सरकार की इस रिपोर्ट में ओबीसी की मतदाता सूची में संख्या 48 प्रतिशत बताई गई। इस तरह एक बार फिर से असंगत आंकड़े पेश कर सरकार ने भी परिस्थितियां निर्मित की जिनसे माननीय उच्चतम न्यायालय बिना आरक्षण के ही चुनाव करने का फैसला सुनाने को विवश हो जाए।अब एक बार फिर से नया शिगूफा छोड़ते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्य प्रदेश सरकार उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी। यह बहुत साफ है कि सरकार सिर्फ अपना दामन बचाने के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का ढोंग कर रही है। जब सरकार ने अब तक ओबीसी के आबादी के आंकड़े ही उपलब्ध नहीं किए हैं नाही सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक ट्रिपल टेस्ट किया है और इससे पहले असंवैधानिक तरीके से ऑर्डिनेंस भी ला चुकी है और बाद में उसे वापस भी ले लिया, तो जाहिर है कि सरकार की नियत ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की नहीं है। फिर भी कांग्रेस पार्टी पुनर्विचार याचिका के दाखिल होने और उस पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने का इंतजार करेगी। कांग्रेस पार्टी अपनी तरफ से हर उस संभावना पर विचार कर रही है कि किस तरह ओबीसी वर्ग को पंचायत और निकाय चुनाव में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सके। कांग्रेस पार्टी हर मंच पर जनता के बीच इस बात को स्पष्ट रूप से उठाएगी की भाजपा सरकार ओबीसी पर लगातार अत्याचार कर रही है और उसका आरक्षण खत्म करना चाहती है। कांग्रेस पार्टी को इस बात का अंदेशा है कि भाजपा और आरएसएस इसी तरह का षड्यंत्र रच कर आगे चलकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का आरक्षण भी खत्म कर देंगे, साजिश रच सकते हैं। लेकिन कांग्रेस पार्टी बाबा साहब अंबेडकर द्वारा बनाए संविधान में देश के दलित आदिवासी और पिछड़ा वर्ग को दिए गए आरक्षण को बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए तैयार है।
