जन शिक्षण संस्थान द्वारा टिकरी में महिला दिवस आयोजित उद्यमी महिलाओं का हुआ सम्मान


सीधी धर्मेंद : इतिहास में अनेक वीरांगनाओं का नाम आज भी पूरी शिद्दत से लिया जाता है क्योंकि जब-जब राष्ट्र पर संकट का भान हुआ तब-तब अनेक विरांगनाओं ने हस संकट का डट का मुकाबला किया है। सृष्टि के विकास से लकर राष्ट्र निर्माण तक महिलाओं के योगदान की कभी तुलना नहीं की जा सकती। यह विचार ग्राम टिकरी में जन शिक्षण संस्थान सीधी एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की मझौली ईकाई के सयुक्त तत्वावधान में आयोजित अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित संस्था संस्थापक राजेन्द्र सिंह भदौरिया द्वारा व्यक्त किया गया। ‘‘सशक्त विश्व में समानता पर आधारित दुनिया’’ की मूल थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में ब्लाक प्रबंधक आजीविका विशन चन्द्रकांत बघेल ने अपने उद्बोधन में यह कहा कि आज महिलाएं आत्मनिरर्भता की पर्याय बन चुकी हैं। कार्यक्रम में उपस्थित संस्थान की प्रबंध मण्डल सदस्य रेखा सिंह द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। प्रसिद्ध समाजसेवी एवं महिला प्रतिनिधि श्रीमती कमलेश सिंह द्वारा महिलाओं से चर्चा करते हुए उन्हें हर स्तर पर आगे आने एवं अपने आप को स्थापित करने की प्रेरणा दी गई। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिलाओं को प्रमाण पत्रों का वितरण तथा उपस्थित महिला उद्यमियों के मध्य वैचारिक आदान-प्रदान भी हुआ। अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में संस्थान की मातृ संस्था द्वारा आवासीय आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर सरेठी में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें सव्यसाॅची सेन्टर के सचिव संजय भदौरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिक्षा परिसर की दसवीं की छात्राओं का विदाई समारोह भी आयोजित किया गया। जन शिक्षण संस्थान के निदेशक जय सिंह ने अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के संबंध में विस्तार पूर्वक बताते हुए इसके न्यूयार्क से लेकर रूस के तानाशाही शासन के अंत एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर पर महिला आन्दोलन को महिला दिवस का दर्जा प्रदान किये जाने के संबंध में प्रतिभागियों को अवगत कराया। कार्यक्रम में नई दिल्ली में आयोजित महिला दिवस के कार्यक्रम का प्रोजेक्टर के माध्यम से सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। कार्यक्रम में संस्थान के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
