सभी शासकीय कार्यालयों में कोविड प्रोटोकाॅल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करायें कहा कलेक्टर मुजीबुर्रहमान खान ने

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सीधी धर्मेंद : कलेक्टर मुजीबुर्रहमान खान ने कहा कि प्रदेश के साथ ही सीधी जिले में भी कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में जिले में कोरोना संक्रमण के 25 एक्टिव केस हैं। ऐसे में सभी शासकीय कार्यालयों में कोविड प्रोटोकाॅल का कड़ाई से पालन किया जाना आवश्यक है। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि सभी शासकीय कार्यालयों में मास्क का उपयोग अनिवार्य है। बिना मास्क के शासकीय कार्यालयों में प्रवेश नहीं होगा। सभी शासकीय सेवक तथा हितग्राही मास्क लगाकर रखेंगें। इसके साथ ही दो गज की दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण के स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को शिकायतों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि अभियान चलाकर 20 जनवरी 2022 तक दिसंबर 2021 में प्राप्त शिकायतों को निराकृत किया जाए। संतुष्टिपूर्वक निराकरण का प्रतिशत 80 से अधिक हो, 100 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों, समाधान में चयनित विषयों से संबंधित शिकायतें तथा हितग्राही मुलक योजनाओं से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता पर निराकृत किया जाए। कलेक्टर ने आगामी एक सप्ताह में 300 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों को निरंक करने के निर्देश दिए है। अगली समय सीमा बैठक में 300 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की जाएगी। कलेक्टर श्री खान ने कड़े निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाईन में दर्ज शिकायतों में निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने नॉन अटेंडेड और निम्न गुणवत्ता से निराकरण पर जीरो टॉलरेंस अपनाने के लिए कहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट किया है कि सीएम हेल्पलाईन में दर्ज शिकायतों के निराकरण के आधार पर विभागों की ग्रेडिंग की जाएगी। अधिकारियों का गोपनीय प्रतिवेदन लिखते समय विभाग की ग्रेडिंग एक महत्वपूर्ण घटक होगा। समय-सीमा पत्रों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री खान ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि समय-सीमा दर्ज प्रकरणों, निर्देशों, शिकायतों पर अपेक्षित कार्यवाही निर्धारित समय-सीमा में की जाए। कलेक्टर ने कहा कि उन्हीं प्रकरणों में समय-सीमा दर्ज किया जाता है जिनमें त्वरित कार्यवाही की आवश्यकता होती है। ऐसे प्रकरणों को अनावश्यक लंबित नहीं रखना चाहिए। इनका परीक्षण पूरी गंभीरता से किए जाने की आवश्यकता है। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि समय-सीमा पत्रों की प्रत्येक फाइल माह में कम से कम एक बार उनके समक्ष प्रस्तुत की जाए, जिससे इसके प्रगति की समीक्षा की जा सकेगी। इसके साथ ही सभी विभाग प्रमुखों को समय-सीमा पत्रों के संबंध में अद्यतन जानकारी प्रत्येक सप्ताह दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर बी के पाण्डेय, समस्त उपखण्ड अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहें।

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