बिना अनुबंध के होटल में बी टेक लिमिटेड कंपनी बेंगलूर मीटर रीडरों का ले रही थी इंटरवियु पैसे की मांग पर मामला थाने पंहुचा

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सीधी धर्मेंद : गत दिवस सीधी शहर के एक होटल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मीटर वाचक और विद्युत वितरण कंपनी के लिए मीटर रीडिंग और बिल वितरित करने की नौकरी का इंटरव्यू देने आए युवकों से इंटरव्यू ले रहे लोगों द्वारा पैसे की मांग की जाने लगी जिसके बाद मीटर वाचक के लिए इंटरव्यू देने आए कई युवकों ने एन टीवी इंडिया न्यूज़ को बुलाकर सारे मामले की जानकारी दी और बताया कि सीधी शहर में मीटर रीडिंग और बिल वितरण के लिए बी टेक लिमिटेड कंपनी बेंगलूर ने टेंडर लिया है जिसके लिए इनके द्वारा मीटर वाचको की भर्ती की जा रही है और यहां पर इंटरव्यू लिया जा रहा है लेकिन उन्हें एक-एक करके अंदर बुलाया जाता है और इंटरव्यू करके उनसे 10 हजार की डिमांड की जा रही है मामले की जानकारी मिलने के बाद एन टीवी इंडिया न्यूज़ ने थाने में कार्यरत सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र राजपूत से उक्त जानकारी को साझा किया और बेरोजगार युवक किसी वजह से ठगे ना जाए इसके लिए उनसे इंटरव्यू कर रहे लोगों का वेरिफिकेशन करने की मांग की जिसके बाद सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह राजपूत ने उक्त होटल के अंदर पहुंच कर उक्त कमरे में इंटरव्यू कर रहे लोगों से पूछताछ और जानकारी लेनी शुरू की लेकिन मौके पर इंटरव्यू ले रहे लोगों ने कोई संतोषजनक जवाब और आइडेंटिटी नहीं दी जिसके बाद पुलिस उन्हें विस्तृत पूछताछ के लिए थाने ले आई और उनसे देर शाम तक पूछताछ होती रही इस दौरान एन टीवी इंडिया न्यूज़ ने फोन द्वारा विद्युत विभाग के अधीक्षण यंत्री और डी से भी इस संबंध में जानकारी चाही तो उन्होंने भी इससे पल्ला झाड़ लिया और कहा कि कंपनी को टेंडर मिला है लेकिन अभी अनुबंध नहीं हुआ है और वह भर्ती के नाम पर किसी से पैसे क्यों ले रहे हैं एन टीवी इंडिया न्यूज़ ने इस मामले को और इंतजार करके पूरी तह तक जाने का प्रयास किया दूसरे दिन पता चला कि जिन कंपनी के लोगों को पुलिस पूछताछ के लिए लेकर आई थी उन्हें विद्युत विभाग के ही कुछ कर्मचारियों द्वारा उनके पक्ष में जाकर बयान देने और उनकी आईडेंटिटी बताने की वजह से उन्हें छोड़ दिया गया इस संबंध में एन टीम इंडिया न्यूज़ ने और अधिक विस्तार से जानकारी के लिए विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री से जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि उक्त घटना के बाद इंटरव्यू करने आए लोगों ने काम करने से मौखिक रूप से मना कर दिया है और लिखित में अनुबंध खत्म करने का पत्र भेजने की बात कही है उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बिना किसी अनुबंध के उनके द्वारा किसी की भी नियुक्ति इंटरव्यू नहीं किया जाना चाहिए था और अब इस तरह के गंभीर आरोप लग रहे हैं। इस मामले में अब लोग पुलिस के ऊपर भी सवालिया निशान लग रहे हैं कि पुलिस ने पूरी तरह से छानबीन किए बगैर ही विभाग के कुछ लोगों के कहने पर उन्हें छोड़ दिया वरना किसी लंबे ठगी का मामला उजागर हो सकता था इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए यदि टेंडर पाई हुई कंपनी के अभी विभाग से अनुबंध साइन नहीं हुए हैं और उन्होंने अनुबंध बैंक गारंटी राशि नहीं जमा की है तो फिर वह होटल में हूं बिना किसी विज्ञापन के लोगों का एक-एक करके किस बात का इंटरव्यू ले रहे थे दूसरा सवाल यह था इंटरव्यू करने आए लोगों के पास पूर्व से काम करने वाले मीटर वाचको की सूची और उनके मोबाइल नंबर किसने उपलब्ध कराएं जिनकी बिना पर वह सब को एक-एक करके बुला रहे थे और तीसरा सबसे बड़ा सवाल कि वह कौन लोग हैं जो पुलिस स्टेशन में नियम विरुद्ध काम कर रहे कंपनी के लोगों का बचाव करने जिला कोतवाली गए थे यदि पुलिस इन सारे बिंदुओं की गहन तहकीकात करेगी तो निश्चित ही सारे मामले का खुलासा हो जाएगा क्योंकि अब कंपनी ने भी टेंडर प्रक्रिया से पल्ला झाड़ने की बात कह दी है लोग दबी जुबान में तो यह भी बता रहे हैं कि इस सारे मामले में विभाग के ही एक बाबू की मिलीभगत है क्योंकि उनके भतीजे को कंपनी द्वारा सुपरवाइजर बनाया जा रहा था पुलिस को इस मामले की भी गहन तहकीकात करनी चाहिए।

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