कृषि विज्ञान केन्द्र सीधी के वरिष्ठ वैज्ञानिको के मार्गदर्शन मे क्लस्टर प्रदर्शन के अन्तर्गत प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ

सीधी धर्मेंद : 7 नवम्बर को कृषि विज्ञान केन्द्र सीधी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख प्रो. महेन्द्र सिंह बघेल के मार्गदर्शन में केन्द्र के सस्य वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह द्वारा ग्राम पड़रा में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अन्तर्गत आयोजित होने वाले प्रदर्शन पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. रूद्र प्रताप सिंह चैहान विभागाध्यक्ष रसायन विभाग, मगध विश्वविद्यालय, बोध गया उपस्थित थे। कार्यक्रम में पड़रा ग्राम से श्री भूपेन्द्र सिंह, जीतेन्द्र सिंह, कमलाकर सिंह, सुनील द्विवेदी, सुरेन्द्र द्विवेदी, भगलाल साकेत सहित कुल 22 किसानों ने भाग लिया। डॉ. धनंजय सिंह द्वारा चना के किस्म जे.जी. 36 के बारे में बताया गया कि यह किस्म 110-120 दिनो में तैयार होती है इसकी उपज क्षमता 18-20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। यह किस्म सिंचित एवं असिंचित दोनों दशाओं के लिये उपयुक्त है। दलहनी फसलों में उकठा रोग से बचाव हेतु ट्राइकोडरमा विरडी का किस तरह से प्रयोग किया जाय जिसकी विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही जैव उर्वरक जैसे पी.एस.बी. एवं राइजोवियम से बीज उपचार एवं मृदा उपचार की जानकारी विस्तृत रूप से प्रदाय की गई। चने की फसल को इल्ली से बचाने हेतु बुवाई के समय ही यदि धनिया या मेथी या अलसी फसल की बुवाई कतार में कर के कैसे बचाया जा सकता है इसकी विस्तृत जानकारी दी गई।
